जासं, बरेली: भैंसों के खेत में घुसने पर हुई कहासुनी में दलित वृद्ध की हत्या करने के मामले में सभी आरोपित बरी हो गए।

घटना चौदह साल पूर्व हुई थी। श्यामलाल (60) अपने भाई पोशाकी लाल व भतीजे विजय के साथ अरिल नदी के पास भैंसों को पानी पिलाने ले गए थे। उस दिन 12 बजे का समय था। श्यामलाल के जानवर पास में स्थित चिम्मनलाल के खेत में खड़ी यूकेलिप्टस में घुस गए। इसी बात पर चिम्मन लाल व उसका बेटा शिवलाल गाली-गलौज करने लगा। विजय के साथ मारपीट की तो श्यामलाल ने विरोध किया। इस पर चिम्मनलाल, शिवलाल, किशनलाल व प्रेमपाल ने लाठी डंडों से श्यामलाल को पीटा और घसीटते हुए अरिल नदी की ओर ले गए। इस बीच, पोशाकी लाल व विजय अपने गांव रहरुइया स्थित घर पहुंचे और गांव वालों के साथ दोबारा मौके पर पहुंचे तो श्यामलाल की लाश पड़ी थी। डंडों से पीटने के बाद गला दबाकर उनकी हत्या की गई थी। सभी आरोपित भाग चुके थे। घटना की रिपोर्ट पोशाकी लाल ने थाना आंवला में दर्ज कराई थी। साक्ष्य के अभाव में विशेष न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार सिन्हा ने तीनों आरोपितों को बरी कर दिया। इसमें एक आरोपित चिम्मनलाल की केस सुनवाई के दौरान ही मौत हो गई थी।

By Jagran