बरेली, जेएनएन। Court News : फर्जी नियुक्ति पत्र से नौकरी पाने के आरोप में फंसे बर्खास्त अध्यापक ने अदालत से कहा कि उसे हर शर्त मंजूर है हुजूर लेकिन, सीबीसीआइडी से बचा लो। स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को आरोपित की अग्रिम जमानत नामंजूर कर दी। सरकारी वकील सुरेश बाबू साहू ने बताया कि आरोपित मृत्युंजय मणि त्रिपाठी पर वर्ष 2004 में बदायूं के सहसवान थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप है कि उसने फर्जी नियुक्ति पत्र से नौकरी हासिल कर ली।

जांच से पहले ही फरार हाे गया था बर्खास्त शिक्षक 

शिक्षा विभाग के आदेश पर कुछ अध्यापकों का स्थानांतरण जनपद बस्ती से बदायूं किया गया। अधिकारियों को शक हुआ तो उन्होंने सत्यापन कराया। संदेह सही साबित हुआ। अध्यापक की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। सेवा समाप्ति से पूर्व ही जांच के दौरान आरोपित फरार हो गया। सरकारी वकील ने अदालत में कहा कि वर्ष 2009 से आरोपित के असहयोग के कारण मुकदमे में सुनवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है।

मामले में सीबीसीआइडी कर रही जांच 

ऐसे में अग्रिम जमानत दिया जाना न्यायोचित नहीं होगा। आरोपित ने कहा कि सीबीसीआइडी मामले की जांच कर रही है। उसे किसी भी समय गिरफ्तार किया जा सकता है। जिससे उसके मान सम्मान को ठेस पहुंचेगी। वह अदालत की हर शर्त मानने को तैयार है। स्पेशल जज पीसी एक्ट-द्वितीय शिवकुमार ने अग्रिम जमानत अर्जी नामंजूर कर दी। आरोपित मृत्युंजय मणि जनपद गोरखपुर के थाना कंपियरगंज के फरदहनी का निवासी है।

Edited By: Ravi Mishra