बरेली, जेएनएन। शिक्षक विधायक चुनाव के प्रत्याशी 36 हजार शिक्षकों को रिझाने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। लेकिन यह चुनाव राजनीतिक पार्टियों की खींचतान की वजह से दिलचस्प हो चला है। भाजपा, कांग्रेस और सपा तीनों पार्टियों के प्रत्याशियों के साथ निर्दलीय प्रत्‍याशी चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। कम लोगों को जानकारी है कि प्रशासन के लिए इस चुनाव की मतगणना भी आसान नहीं होगी। क्योंकि बैलेट पेपर पर होने वाले इस चुनाव में एक शिक्षक मतदाता एक से लेकर 15 तक वरियता तय करते हुए प्रत्याशी चुन सकता है। सीधे शब्दों में हर शिक्षक कम से कम एक और अधिकतम 15 प्रत्याशियों की वरियता क्रमवार तय कर सकता है। इसकी गणना होने के दौरान वरियता के क्रम में प्रत्याशी जीता या हारा हुआ घोषित किया जाएगा।

पहली दिसंबर को है मतदान 

बैलेट पेपर सिस्टम से होने वाले शिक्षक विधायक चुनाव में बरेली-मुरादाबाद के 36 हजार शिक्षकों को पहली दिसंबर को मतदान करना है। मतदान करने वाले हर शख्स को अपने बैलेट पेपर पर प्रत्याशियों की वरियता तय करनी होगी। बैलेट पेपर खुलने के बाद 25-25 के बंडल बनाए जाएंगे। इसके बाद इन वरियता के क्रम को सेट करने की कवायद शुरू होगी। संजय कम्यूनिटी हॉल में तीन दिसंबर को शुरू होने वाली मतगणना में निर्वाचन के अधिकारी मान रहे है कि काउंटिंग में तकरीबन पूरा दिन लगेगा। अगर री काउंटिंग की स्थिति बनती है तो नतीजे अगली सुबह घोषित हो सकते हैं।

मतगणना में लगेगा अधिक समय 

एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि बैलेट पेपर पर एक से 15 प्रत्‍याशियों की वरियता तय करने के लिए शिक्षक मतदाता स्वतंत्र होंगे। मतगणना मेें इसलिए अधिक समय भी लग सकता है। पहले राउंड में अगर किसी प्रत्याशी की बढ़त होती है तो उसको जीत के करीब मानते हैं। 

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