जागरण संवाददाता, बरेली : मुख्य परीक्षा से पहले बीडीएस (बैचलर ऑफ डेटल सर्जरी) मे मंगलवार को एक केद्र पर पकड़ी गई सामूहिक नकल ने रुहेलखंड विश्र्वविद्यालय प्रशासन के नकलविहीन परीक्षा के दावो को कठघरे मे खड़ा कर दिया है। मंगलवार को विवि के सचल दल ने मुरादाबाद के विवेकानंद कॉलेज ऑफ नर्सिग परीक्षा केद्र पर छापा मारा। यहां बीडीएस की परीक्षा दे रहे मुरादाबाद के कोठीवाल डेटल कॉलेज के 12 परीक्षार्थी नकल करते पकड़े गए। इनकी कॉपी सील कर दी गई है। परीक्षा केद्र पर बीडीएस के 42 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे थे। सचल दल के छापा मारते ही केद्र के जिम्मेदार हड़बड़ा गए। टीम सीधे परीक्षा कक्ष मे पहुंची तो वहां का नजारा देख टीम के सदस्य हैरान रह गए। परीक्षार्थी पर्ची, किताबो के पन्ने लेकर नकल कर रहे थे। वही कुछ परीक्षार्थी अपनी नकल फेकने मे सफल रहे। बाद मे परीक्षार्थियो ने कार्रवाई से बचने के लिए सचल दल से ही नही, बल्कि विवि तक से फरियाद की। हालांकि टीम ने विवि मे नकल की रिपोर्ट करने के बाद कॉपी सील कर दीं। छात्र और छात्राओ के कपड़ो मे भी नकल मिली। सचल दल मे डॉ. निवेदिता श्रीवास्तव और डॉ. राजीव यादव शामिल रहे। पिछले साल एमबीबीएस मे पकड़े गए थे 12 नकलची गत वर्ष बरेली के एक मेडिकल कॉलेज मे एमबीबीएस की परीक्षा मे विवि के ही सचल दल ने 12 नकलची पकड़े थे। मंगलवार को यही संख्या बीडीएस के परीक्षार्थियो की रही। मुख्य परीक्षा से पहले मेडिकल मे नकल का ट्रायल नकल रोकने के लिए रुविवि ने पहली बार मेडिकल की एमबीबीएस, बीडीएस परीक्षा के परीक्षा केद्र बदले है। यह भी दावा किया गया था कि केद्रो पर सीसीटीवी कैमरे लगे है। अब सवाल ये है कि अगर कैमरे लगे थे तो परीक्षार्थी सामूहिक नकल कैसे कर रहे थे। या फिर कैमरे के दावे नकल की ढाल बने हुए थे। बहरहाल, शिक्षको ने विवि की मुख्य परीक्षा से पहले मेडिकल परीक्षा मे नकल को व्यवस्था-नकल का ट्रायल करार दिया है। वर्जन -सचल दल ने बीडीएस की परीक्षा मे 12 नकलचियो के पकड़ने की रिपोर्ट की है। कॉपी बुक कर दी गई है। आगे की कार्रवाई के लिए ये मामला परीक्षा समिति मे जाएगा। महेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक रुविवि