जेएनएन, बरेली : एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय कैंपस में चल रही बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (बीपीएड) परीक्षा में शुक्रवार को सामूहिक नकल पकड़ी गई है। इस मामले में 31 परीक्षार्थियों की कॉपियां बुक की गई हैं। विरोध में छात्रों ने हंगामा काटा।

वहीं, नकल की इस घटना से विवि की परीक्षा-कोडिंग और मूल्यांकन प्रणाली ध्वस्त करने वाले गिरोह के सक्रिय होने का पुख्ता सुराग भी मिला है। यह इस संदेह को और मजबूत करता है कि ठेके पर पास कराने वाला रैकेट विवि कैंपस में ही सक्रिय है।

खास बात यह है कि यह दोनों कॉलेज नेताओं के हैं। इसमें एक कॉलेज मौजूदा विधायक का है और दूसरा पूर्व विधायक का। इसलिए कॉपी के अंदर पहचान उजागर करना, किसी बड़े खेल का संकेत माना जा रहा है। 

कॉपियों में लिखा था कॉलेज का नाम और रोल नंबर 

बीपीएड की परीक्षाएं रुविवि कैंपस में चल रही हैं। दो केंद्र बने हैं- नेहरू युवा केंद्र और परीक्षा भवन। शुक्रवार को तलाशी के दौरान पांच परीक्षार्थियों के पास पर्चियां मिलीं। शिक्षकों ने इनकी कॉपी बुक कर दीं। पांच नकलची पकड़े जाने से तलाशी अभियान गंभीरता से आगे बढ़ा।

शिक्षकों ने एक छात्र की कॉपी के अंदरूनी पेज पलटे तो देखा कि उसने कॉपी के अंदर अपना और अपने कॉलेज का नाम व रोल नंबर भी लिख रखा था। छात्र ने कॉलेज का नाम आरपी डिग्री कॉलेज लिखा था। इसके बाद शिक्षकों ने बाकी छात्रों की कॉपी देखीं तो ऐसी 25 कॉपी मिलीं जिस पर राजेंद्र प्रसाद डिग्री कॉलेज मीरगंज यानी आरपी और रुकमणि देवी डिग्री कॉलेज मुरादाबाद लिखा था। 

रैकेट का शक जताया 

शिक्षकों ने इन सभी कॉपियों को नकल के आरोप में बुक किया है। अपनी रिपोर्ट में लिखा कि नकल की इन घटनाओं के पीछे पूरा रैकेट सक्रिय होने का शक है। जो सुबूत मिले हैं, उससे कोडिंग ध्वस्त कर छात्रों को पास कराने का संकेत मिलता है।  

नकल माफिया गहरे तक सक्रिय 

विवि के अधीन बीपीएड के पांच कॉलेज हैं। अमूमन इन्हीं पाचों कॉलेज के शिक्षक कॉपी जांचने के लिए बुलाए जाते हैं। दो कॉलेज के छात्रों ने अपनी कॉपी पर कॉलेज-अपना नाम और रोल नंबर लिख रखा है ताकि जब परीक्षक कॉपी जांचें, तब वह समझ जाएं कि किस कॉलेज की कॉपी पर कितने अंक देने हैं। प्रोफेसरों का मानना है कॉपी के अंदर रोल नंबर नाम-पता लिखना सामान्य घटना नहीं है। यह किसी रैकेट का काम है। 

ध्वस्त कर दी कोडिंग 

मूल्यांकन से पहले कॉपियों की कोडिंग होती है, मगर नकल माफिया के आगे यह व्यवस्था फेल है। रैकेट की ओर से तय किए गए कोड को छात्र कॉपी पर लिख देता है और परीक्षक उसे देखकर अंक देते हैं। 

ठेके पर पास कराने की चल रही जांच 

विवि में ठेके पर पास कराने वाले गिरोह की तलाश के लिए जांच चल रही है। एबीवीपी ने बीएएमएस और मुख्य परीक्षा के मूल्यांकन में सेंधमारी करके पास कराने के आरोप लगाए थे। तीन कर्मियों के खिलाफ नामजद शिकायत की थी। उनके विरुद्ध जांच चल रही हैं। कुलपति ने बीएएमएस के केंद्र पर जाकर खुद ही जांची गई कॉपियां चेक चुके हैं। जांच के बीच ही दूसरी घटना सामने आ गई है, जो बड़े खेल की ओर इशारा कर रही है। 

नकल से बचने को कैंपस में परीक्षा 

बीपीएड परीक्षा में नकल से बचने के लिए ही विवि ने पांचों कॉलेजों का परीक्षा केंद्र विवि कैंपस में बनाया है। यहां नकल का खेल नहीं चला, तो पास कराने का दूसरा रास्ता निकाल लिया गया है। 

विवि प्रशासन से कमेटी बनाकर जांच की संस्तुति

केंद्राध्यक्ष डॉ. अमित सिंह ने बताया कि छात्रों की कॉपी के अंदर रोल नंबर, नाम और कॉलेज का नाम लिखा मिला। यह गंभीर मामला है। प्रशासन से कमेटी बनाकर जांच कराने की संस्तुति की है। 

परीक्षा नियंत्रक बोले- रिपोर्ट आने के बाद कराएंगे जांच

परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार ने बताया कि परीक्षा में कॉपी के अंदर रोल नंबर, कॉलेज का नाम लिखे जाने की जानकारी मिली है। रिपोर्ट आने के बाद इसकी जांच कराई जाएगी। 

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Posted By: Abhishek Pandey

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