बरेली, जेएनएन। नगर निगम ने श्मशान भूमि में निश्शुल्क दाह संस्कार के लिए आवेदन पत्र पहुंचाकर अपना पल्ला तो झाड़ लिया। लेकिन, दूर-दूर तक इस सेवा में जिम्मेदारों की कोई रुचि नहीं दिखाई दे रही है। हैरत की बात तो यह है कि श्मशान भूमि में भी व्यवस्थापक भी शव लेकर श्मशान पहुंच रहे स्वजनों से इस बारे में कोई चर्चा तक नहीं कर रहे हैं। ऐसे हालात में आखिर कैसे कोविड शव और आर्थिक रूप से कमजोर शव का संस्कार निश्शुल्क कराएं।

प्रदेश सरकार की ओर से कोविड शव और आर्थिक रूप से कमजोर स्वजनों के लिए निश्शुल्क अंतिम संस्कार कराने के आदेश हैं। इसके लिए नगर निगम को जिम्मा सौंपा गया है। निश्शुल्क अंतिम संस्कार कराने के लिए आवेदन पत्र भरना होगा। आलाधिकारियों ने श्मशान भूमि में आवेदन पत्र पहुंचाकर अपनी औपचारिकता पूरी कर दी है। लेकिन, अब स्वजनों को निश्शुल्क संस्कार कराने की राहत आखिर मिले कैसे।

न तो श्मशान भूमि कमेटी के पदाधिकारी, व्यवस्थापक इसकी जानकारी स्वजनों को दे रहे हैं और न ही नगर निगम की ओर से श्मशान भूमि में इसके लिए खासी पहल दिख रही है। स्वजनों को राहत देने के नाम पर सारे दावे फेल हो रहे हैं। बता दें कि अब तक शहर की तीनों श्मशान भूमि में एक भी निश्शुल्क अंत्येष्टि नहीं हो सकी है।

क्या कहते हैं स्वजन

बसंत विहार से अपनी मां का संस्कार करने पहुंचे रवि ने बताया कि उनकी मां की मृत्यु सामान्य स्थिति में हुई थी। लेकिन, घर की स्थिति सही नहीं है। सिटी श्मशान भूमि में भी किसी ने निश्शुल्क संस्कार कराने के बारे में बात नहीं की।

खटीमा निवासी महेश सिंह ने बताया कि उनके पिता मिलिट्री अस्पताल में भर्ती थे। कोविड से मृत्यु होने के बाद वह शव को लेकर सिटी श्मशान में पहुंचे तो उनसे किसी ने निश्शुल्क संस्कार कराने को लेकर चर्चा नहीं की।

क्या कहते हैं व्यवस्थापक

सिटी श्मशान भूमि में प्रभारी त्रिलोकी नाथ कहते हैं कि किस-किस से पूछते रहें कि शव कोविड का है या सामान्य। इसके अलावा और भी काम होते हैं।

संजयनगर श्मशान भूमि कमेटी के पदाधिकारी भगवान स्वरूप ने बताया कि कोविड शव के साथ आने वाले स्वजनों से निश्शुल्क आवेदन को बात करतेे हैं। लेकिन, स्वजन इसमें रूचि नहीं दिखा रहे।

गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि में परिसर प्रभारी जीसी सिन्हा कहते हैं कि हम तो निश्शुल्क दाह संस्कार करा दें। लेकिन, इस नगर निगम की ओर से सहायता राशि कब मिलेगी, इसका क्या भरोसा।

कोविड शव और आर्थिक रूप से कमजोर स्वजनों को दाह संस्कार में कराने में राहत मिल सके। इसके लिए तीनों ही श्मशान भूमि आवेदन पत्र भी पहुंचा दिए हैं। लेकिन, स्वजन इसमें रूचि नहीं दिखा रहे। अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त