जेएनएन, बरेली: डीडीपुरम में कब्जा मुक्त कराई जमीन पर अंतिम फैसला नगर निगम बोर्ड लेगा कि इस बेशकीमती जमीन का इस्तेमाल कैसे किया जाए। नगर आयुक्त का कहना है कि सिर्फ निगम की जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया है। शुक्रवार को नगर निगम के लगाए गए कुछ सीमेंटेड पोल उखड़े पड़े थे।

डीडीपुरम स्थित कुष्ठाश्रम के पास ही नगर निगम की जमीन भी है। लंबे समय से इस पर कुष्ठरोगी ही इसका इस्तेमाल करते आ रहे थे। वह इस पर खेती करते हैं। पिछले दिनों नगर आयुक्त के निर्देश पर टीम ने इस जमीन को कब्जा मुक्त कराया। पहले दिन यहां पर जब जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया।

उस समय नगर आयुक्त सैमुअल पाल एन ने यहां स्मार्ट सिटी के तहत सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट बनाने की बात कही थी। शुक्रवार को जब उनसे इस संबंध में बात की गई, तो उन्होंने बताया कि सिर्फ नगर निगम की जमीन पर कब्जा लिया गया। जमीन का उपयोग कैसे होगा। यह नगर निगम का बोर्ड और स्मार्ट सिटी बोर्ड तय करेगा। 

उखड़े पड़े मिले सीमेंटेड पोल

डीडीपुरम से कुष्ठाश्रम की ओर जाने पर सबसे पहले नगर निगम के कब्जा मुक्त कराई जमीन पड़ती है। शुक्रवार को यहां पर नगर निगम संपत्ति का बोर्ड लगा हुआ था, लेकिन रोड साइड की तरफ लगे सीमेंटेड पोल उखड़े पड़े थे। तार से की गई फेंसिंग भी उखड़ी पड़ी थी। कुष्ठाश्रम की तरफ के सभी पोल और तारों की फेंसिंग सही स्थिति में थी। 

दान में दे दी थी जमीन

प्रेमनगर कुष्ठ सेवा आश्रम के अध्यक्ष दिवाकर ने बताया कि यह जमीन पचास वर्ष पहले नगर पालिका के समय में दान में दी गई थी, लेकिन दान वाली बात का कोई साक्ष्य नहीं है। कुष्ठाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों ने इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 1980 की खतौनी में भी यहां कुष्ठ रोगी की आबादी दर्ज थी, लेकिन 2001 की खतौनी में सिर्फ आबादी दर्ज है। 

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Posted By: Abhishek Pandey