जेएनएन, बरेली : कैंट के चनेहटा गांव में मां सरस्वती जूनियर हाईस्कूल समेत प्रबंधक के घर को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला किसी आतंकवादी संगठन का सदस्य नहीं हैं, ब‍ल्क‍ि धमकी देने वाला आरोप‍ित नौवीं कक्षा का छात्र निकला। जिसे पुलिस ने प‍कड़कर किशोर सदन भेज दिया है। गौरतलब है कि स्कूल के प्रबंधक 

प्रबंधक अनिल कुमार सिंह के मकान में शुक्रवार रात एक पत्र फेंका गया था। जिसमें स्कूल सहित उनके घर को पुलवामा जैसे धमाके के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी थी।

दो लाख की रंगदारी का पत्र प्रधानाचार्य को थमाया

तीन दिन से धमकी देने वाले की पुलिस तलाश कर रही थी। खुफिया विभाग भी परेशान था। मंगलवार को कक्षा नौ का छात्र एक पत्र लेकर आया और प्रधानाचार्य को थमा दिया। इसमें लिखा था कि तुम माने नहीं। पुलिस को सूचना दे दी। अब स्कूल को बम से बचाना है तो दो लाख रुपये देने पड़ेंगे। प्रधानाचार्य ने पुलिस को सूचना दी तो छात्र से पूछताछ की गई। इस दौरान वह लगातार बयान बदलता रहा।

हैंड राइ‍टिंग मिलाने से खुलकर सामने आया मामला

पुलिस का शक गहराने पर धमकी भरें पत्र से उसकी हैंड राइटिंग का मिलान कराया गया तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। छात्र ने धमकी देने की बात कुबूली। पुलिस ने छात्र की साइंस की उस कॉपी को भी बरामद कर लिया, जिसके पेज का इस्तेमाल धमकी भरा लेटर लिखने के लिए किया गया था। फटे पन्ने का पुलिस ने मिलान किया तो उसका कुछ हिस्सा भी कॉपी में ही लगा मिला।

छात्र ने पैसा कमाने का लिए चुना ये आसान तरीका

पकड़ा गया छात्र कैंट क्षेत्र में अपने भाई व मां के साथ रहता है। बड़ा भाई कैटरिंग का ठेका लेता है। पिता फतेहगंज पूर्वी स्थित गांव में खेती करते हैं। छात्र ने बताया कि पैसा कमाने के लिए उसने यह सब किया था।

छात्र के पकडे़ जाने के बाद एलआइयू ने ली राहत की सांस

पुलवामा जैसे बम धमाका कर स्कूल को उड़ाने की धमकी मिलने के बाद आला अफसरों समेत एलआइयू व अन्य यू‍न‍िट मामले की तह खोदनें में जुट गई थी। सभी टीमें धमकी देने से जुडे़ मामले का इनपुट जुटा रही थी, कि तभी अचानक मामला खुल गया। जिसके बाद एलआइयू सह‍ित सभी ने राहत की सांस ली है। 

 

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