बदायूं, जेएनएन। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के मंडल अध्यक्ष की हत्या के मामले में पुलिस ने पांच आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले में आरोपित हरिओम, ओमेंद्र, राजीव, श्यामपाल व शैलेंद्र को नामजद किया है। जिनकी तलाश पुलिस टीमों ने शुरू कर दी है।पुलिस ने तीन को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि गांव में तनावपूर्ण स्थिति होने के बाद शांति बनी हुई है। एहतियात के तौर पर गांव मेें पुलिस बल तैनात है।

उसावां में हुआ खूनी संघर्ष

उसावां थानाक्षेत्र के गांव बमनपुरा और बुधुआ नगला के ग्रामीणों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था। जिसके दौरान बुधुआ नगला के लोगों ने बमनपुरा के ग्रामीणों पर हमला बोला था। मंगलवार को उन्होंने हमला उस वक्त बोला था, जब गांव के तमाम लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइकों से अनिल को लेकर थाने से लौट रहे थे। जिसके दौरान ट्रैक्टर में सवार ग्रामीण दूसरे गांव के रास्ते निकल गए। जबकि बाइक सवार रुखाड़ा होकर वापस लौट रहे थे।

रुखाड़ा मोड़ पर चले थे लाठी डंडे

अनिल के साथ आए बाइक सवार जैसे ही रुखाड़ा मोड़ के पास पहुंचे तभी बुधुआ नगला गांव के ग्रामीणों ने उन पर हमला बोल दिया। इस दौरान जमकर मारपीट व पथराव भी हुआ। हमलावरों ने कृष्णपाल व संजय की बाइक को डंडा मारकर गिरा दिया था। लेेकिन किसी तरह से संजय जान बचाकर भाग निकला। जबकि किशनपाल की पीट पीट कर हत्या कर दी थी। घटना के बाद तनाव देखते हुए गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया था।

तीन दिन पहले हुआ था मूल विवाद

घटना के पीछे का मुख्य कारण तीन दिन पहले हाेने वाला विवाद है। जो कीटनाशक दवा का छिड़काव करने वाली मशीन को मांगने को लेकर हुआ था। यह विवाद बमनपुरा गांव में रहने वाले अनिल और बुधुआ नगला गांव में रहने वाले कल्याण सिंह अपने बेटे दारा सिंह, अधीर व यशपाल के बीच हुआ था। जिसमें कुछ लोग घायल हो गए थे। इसी मामले में अनिल अपने सहयोगियों के साथ शिकायत करने थाने गया था।

 

Posted By: Ravi Mishra

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