बरेली, जागरण संवाददाता। Doda smuggling in Bareilly: लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर संचालित ढाबों पर बड़े पैमाने पर डोडा खपाया जा रहा था। इनपुट के आधार पर क्लीनर बन ट्रक में सवार होकर सीओ नवाबगंज चमन सिंह चावड़ा ने दबिश दी तो भेद खुल गया। तीन ढाबा संचालकों समेत चार आरोपितों को टीम ने धर लिया जबकि दो फरार हो गए। चारों आरोपित दानिश निवासी सैदपुर चुन्नीलाल, हनीस खां संचालक राम फैमिली ढाबा, हरीश निवासी मठ लक्ष्मीपुर हंसनगर कालोनी, ताहिर संचालक चाय का ढाबा लखनऊ-दिल्ली हाईवे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। दो फरार आरोपितों शराफत व मुदस्सिर निवासी सैदपुर चुन्नीलाल फरार हैं।

ग्राहक बनकर सीओ ने खरीदा डोडा

लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर लंबे समय से ढाबो पर डोडा खपाये जाने की जानकारी मिल रही थी। एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल के नेतृत्व में सीओ चमन सिंह चावड़ा ने जांच शुरू की। ग्राहक बनकर चौधरी ढाबा, राम फैमिली ढाबा व चाय का ढाबा पर डोडा खरीदा। पुष्टि के बाद पूरी तैयारी के साथ सीओ ट्रक में सवार होकर ढाबों पर पहुंचे। पीछे से भोजीपुरा, हाफिजगंज व नवाबगंज पुलिस भी पहुंची।

दो आरोपित हो गए फरार 

धरपकड़ शुरू हुई तो चार को मौके से पकड़ लिया गया जबकि दो फरार हो गए। पूछताछ में आरोपितों ने अपना नाम दानिश, हरीश संचालक चौधरी ढाबा, हनीस खां संचालक राम फैमिली ढाबा व ताहिर संचालक चाय का ढाबा बताया। फरार आरोपितों के नाम शराफत व मुदस्सिर के रूप में स्वीकार किये। तलाशी में दस किलो डोडा छिलका बरामद किया गया। एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल ने प्रेस कांफ्रेंस कर प्रकरण के बारे में जानकारी दी।

सौ रुपये में पुड़िया, चाय व सब्जी करते थे उपयोग

जांच के दौरान सादे कपड़ों में जब सीओ ने डोडा छिलका की पुड़िया मांगी तो उन्हें सौ रुपये में उपलब्ध कराई गई। पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि ज्यादातर छिलके का उपयोग वह चाय व सब्जी में प्रयोग करते थे। धीरे-धीरे लोग आदी हो जाते थे फिर लगातार ढाबे पर पहुंचते थे। जरूरत पर ग्राहक को सौ रुपये पुड़िया भी उपलब्ध करा देते। फरार दोनों आरोपितों की तलाश में भोजीपुरा पुलिस जुटी है। आरोपितों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट में प्राथमिकी लिखी गई है।

क्‍या होता है डोडा

अफीम के पौधे के फल के छिलके को डोडा कहते हैं। अफीम निकाले जाने के बाद डोडा में भी अफीम का कुछ अंश रह जाता है। इसे गर्म पानी में उबालकर नशे के तौर पर इस्‍तेमाल किया जाता है। डोडा चूर्ण की भी बड़े पैमाने पर तस्‍करी होती है। डोडा की बिक्री गैर कानूनी है लेकिन, तस्‍कर इसकी सप्‍लाई ढाबों आदि पर करते रहते हैं। 

Edited By: Vivek Bajpai

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट