बरेली, जेएनएन : शाहजहांपुर बार्डर पर बहगुल नदी के पुल के पास पुलिस ने रविवार को एक निजी बस को चेकिंग के लिए रोका तो चालक दारोगा पर हमलावर हो गया। हाथापाई करते हुए वर्दी फाड़ डाली। चालक के खिलाफ पुलिस से अभद्रता व सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस दौरान बस में सवार प्रवासी व उनके बच्चे घंटों तक सड़क पर भूखे-प्यासे फंसे रहे। बाद में दूसरा चालक बुलाकर उन्हें बिहार रवाना किया गया।

शाहजहांपुर बार्डर पर बहगुल नदी के पुल के पास रविवार दोपहर फतेहगंज पूर्वी पुलिस बैरियर लगाकर चेकिंग कर रही थी, तभी हरियाणा के करनाल से भट्ठा मजदूरों को लेकर बिहार के पूर्वी चंपारण जा रही एक निजी बस आती दिखी। बैरियर पर तैनात दारोगा विजय कुमार ने बस चालक गुरुचरन सिंह पुत्र अमरीक सिंह निवासी रसूलपुर जिला पटियाला, पंजाब को इशारा से चेकिंग के लिए बस रोकने को कहा। बस रोकने के बाद चालक ने बताया कि उसने अभी-अभी पानी पिया है, इसलिए मुंह पर मास्क लगाना भूल गया। दारोगा ने बताया कि बस में कुल 75 सवारी मौजूद थी, लेकिन अनुमति सिर्फ 51 सवारियों की थी। इसी बात को लेकर चालक से पूछताछ की तो उसने दारोगा का कॉलर पकड़ लिया और हाथापाई शुरू कर दी। इससे वर्दी के बटन भी टूट गए। दारोगा पर हमलावर होने पर पुलिस फोर्स ने चालक को पकड़ लिया और जमकर पिटाई लगाई। जिससे चालक के हाथ में गंभीर चोट लग गई। काफी देर तक हुज्जत के बाद दारोगा ने चालक को हिरासत में लेकर थाने की हवालात में बंद कर दिया। चालक और दारोगा के बीच विवाद के चलते बस में सवार प्रवासी और बच्चे भूखे-प्यासे घंटों सड़क किनारे बिलखते रहे। बाद में उन्हें दूसरा चालक बुलाकर बिहार रवाना किया गया।

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वर्जन

चालक के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा व पुलिस के साथ अभद्रता का मुकदमा लिखा गया है। दूसरे ड्राइवर के द्वारा बस को रवाना कराया जा रहा है।

अश्विनी कुमार, थाना प्रभारी

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बस को नार्मल चेकिंग के लिए रोका गया था, लेकिन चालक ने कागज नहीं दिखाएं और गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर कॉलर पकड़ लिया। जिसे छुड़ाने की जद्दोजहद में हाथापाई हो गई।

-विजय कुमार, दारोगा

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