जागरण संवाददाता, बरेली: शहर में दुर्गा पूजा का रंग चढ़ने लगा है। पंडालों को भव्य रूप देने की तैयारियां चल रही हैं। रोड नंबर चार पर सजने वाले दुर्गा पूजा पंडाल में मंच को मंदिर की थीम पर बनाया जा रहा है। दूसरी तरफ बंगाली समाज के लोग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रिहर्सल में व्यस्त हैं। मनोरंजन सदन जंक्शन के दुर्गा पंडाल में होने वाले कार्यक्रमों का मुख्य आकर्षण गानेर अड्डा होगा, जिसमें ¨हदी और बांग्ला गीत प्रस्तुत किए जाएंगे।

शहर में रोड नंबर सात पर कृष्णा नगर कालीबाड़ी में दुर्गा पंडाल सजता है। शनिवार को यहां रंग-रोगन का काम होता रहा। मंदिर के पुजारी देवाशीष चक्रवर्ती ने बताया कि पंडाल में मां का आगमन रविवार की शाम होगा। रोड नंबर चार पर रेलवे मनोरंजन सदन में भी दुर्गा पंडाल की सजावट को अंतिम रूप दिया जाता रहा। भंडारा प्रभारी सोमनाथ बनर्जी ने बताया कि यहां दुर्गा पूजा का शुभारंभ इज्जतनगर मंडल के डीआरएम करेंगे। इस वर्ष से थीम सजावट की शुरुआत की जा रही है, जिसके तहत दुर्गा पूजा का मंच और गेट की थीम मंदिर की रहेगी। यह सजावट कोलकाता निवासी कारीगर बंशी मंडल कर रहे हैं। कारीगर बंशी मंडल ने बताया कि पंडाल में मंच और गेट की सजावट एक ही थीम पर की जाएगी। इसके लिए यहां पर मंदिर का स्वरूप देने के साथ ही कुल्फी का डिजाइन भी बनाया जाएगा। अभी इसका फ्रेम बनाया गया है। रविवार शाम तक यह पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। इज्जतनगर स्टेशन के सामने काली मंदिर में भी शनिवार को रंग-रोगन और सफाई कार्य जारी रहा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अष्टमी को जमेगा 'गानेर अड्डा' : मनोरंजन सदन जंक्शन में होने वाली दुर्गा पूजा में शनिवार को पंडाल सजाने की तैयारियां चलती रहीं। दूसरी तरफ सुभाष नगर में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रिहर्सल जारी रही। बंगाली कल्चरल और वेलफेयर सोसायटी के मीडिया प्रभारी धु्रव चटर्जी ने बताया कि इस बार अष्टमी को होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मुख्य आकर्षण गानेर अड्डा होगा, जिसमें बांग्ला संगीत के रविंद्र, श्यामा संगीत, आधुनिक, चौताली गीतों के साथ ही ¨हदी संगीत के भी कार्यक्रम होंगे। इसका निर्देशन सुरभि रॉय द्वारा किया जा रहा है। उनके ही निर्देशन में आकाशवाणी और दूरदर्शन के कलाकार रिहर्सल में व्यस्त हैं, ताकि शहर के लोगों को बंगाली संगीत से भी रूबरू कराया जा सके। इनसेट

आज पंडाल में आएंगी मां

धु्रव चटर्जी ने बताया कि पंडाल में मां रविवार को आएंगी। समाज के लोग ढोल-नगाड़ों की थाप पर उन्हें लेकर पंडाल में पहुंचेंगे। इसमें मुख्य मूर्ति महिषासुर से युद्ध करती मां की होगी। इसके साथ ही गणेश, लक्ष्मी, कार्तिकेय और सरस्वती की प्रतिमाएं भी होंगी।

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