जेएनएन, बरेली : उत्तर प्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय का एरिया बढ़ गया है। अब क्षेत्रीय कार्यालय से बदायूं के उद्योग-धंधों और प्रदूषण से जुड़े अन्य मामलों की मॉनीटरिंग की जाएगी। मुख्यालय से इस बाबत आदेश क्षेत्रीय कार्यालय पहुंच गए हैं।

कमिश्नरी में हुई पिछली उद्योग बंधुओं की बैठक में बदायूं जिले के व्यापारियों ने बुलंदशहर स्थित प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के दफ्तर से अटैच होने पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि मंडल के अधिकांश काम बरेली मुख्यालय पर होते हैं। जबकि प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड संबंधी एकमात्र कामकाज के लिए बदायूं से बुलंदशहर तक दूरी तय करनी होती है। यह काफी दूर भी रहता है। उद्यमियों का कहना था कि जिस तरह अन्य सभी महकमों का मंडल मुख्यालय बरेली है। उसी तरह प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड का भी मुख्यालय बुलंदशहर से हटाकर बरेली किया जाए। उद्यमियों ने इस बाबत लिखित ज्ञापन भी दिया। इसके बाद कमिश्नर ने महकमे के मुख्यालय में बैठे अधिकारियों से बात कर बदायूं जिले का क्षेत्रीय कार्यालय भी बरेली को ही बनाने के लिए कहा। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद हाल में बदायूं को बरेली क्षेत्रीय कार्यालय से अटैच करने के आदेश आ गए।

कछला नदी बनेगी परेशानी का सबब

बदायूं जिला जुड़ने के बाद कछला नदी प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के लिए परेशानी का सबब बनी है। दरअसल, गंगा की प्रमुख सहायक नदियों में से एक कछला नदी की रोजाना मॉनीट¨रग प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से कराई जाती है। ऐसे में क्षेत्रीय कार्यालय से रोजाना अधिकारियों को बदायूं तक का सफर तय करना होगा। कछला घाट पर स्नान का धार्मिक महत्व भी बताया जाता है।

मुख्यालय से आए आदेश

बदायूं जिला भी क्षेत्रीय कार्यालय में शामिल होने के आदेश आ चुके हैं। जिले में उद्योगों की संख्या समेत अन्य आंकड़े अभी मिलने बाकी हैं। -शशि बिंदकर, सहायक अभियंता-प्रथम, यूपीपीसीबी

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