बरेली, जेएनएन। Advocate Bhupendra Murder Case : शाहजहांपुर के अधिवक्ता भूपेंद्र प्रताप सिंह की हत्या के बाद से उनके स्वजन काफी आक्रोशित हैं। उनके भाई बदायूं के जिला बेसिक शिक्षाधिकारी महेंद्र प्रताप सिंह ने प्रशासन व पुलिस की भूमिका पर ही सवाल उठाए हैं। इस घटना को सुनियोजित षड़यंत्र बताते हुए अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। कहा कि वह हत्यारोपित को फांसी की सजा दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।

मंगलवार शाम मोक्षधाम पर भूपेंद्र सिंह को उनके सबसे छोटे भाई महेंद्र प्रताप सिंह ने मुखाग्नि दी। उन्होंने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा यह घटना से साबित हो गया है कि यहां की पुलिस व प्रशासन फेल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जिस जगह पर भाई की हत्या हुई वहां पर तमाम लोग थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों को घटना को लेकर गलत जानकारी दी गई है। एसपी व सीएमओ नहीं पहुंचे। जिससे साफ है कि यह दोनों काम करने में सक्षम नहीं हैं। इन दोनों को निलंबित कर देना चाहिए। जहां भाई की हत्या हुई वहां सिर्फ अधिवक्ता व अन्य लोग थे।

सब कुछ नाटकीय, प्री प्लान

हत्यारोपित की गिरफ्तारी को नाटकीय बताते हुए कहा कि यह सब प्री प्लान हुआ है। हर कोई इसको आसानी से समझ सकता है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। डीएम व एसपी काफी देर तक मौके पर नहीं थे। जब वे लोग पहुंचे तो वहां पर कोई गवाह उनके सामने नहीं आया। महेंद्र प्रताप ने कहा कि इस घटना के बाद भी कोई उन्हें या उनके परिवार को सांत्वना देने नहीं पहुंचा। अगर उन्हें न्याय न मिला तो वह इस केस को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे।

भाई काे बचा नहीं पाए हमें क्या सुरक्षा देंगे

महेंद्र प्रताप ने कहा कि उन्हें या उनके परिवार को कोई सुरक्षा नहीं चाहिए। जब यहां की पुलिस और प्रशासन उनके भाई को सुरक्षा नहीं दे सके तो उन्हें क्या सुरक्षित रख पाएंगे। जबकि वे अधिवक्ता थे। उनकी अदालत परिसर में हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में सुशासन है, पर यहां के अधिकारियों का हाल उन्हें देखना चाहिए। इन सभी का निलंबन होना चाहिए। इन सभी से जवाब तलब करना चाहिए।इस दौरान सेंट्रल बार अध्यक्ष एसोसिएशन के अध्यक्ष अनंत कुमार सिंह, महासिचव अनित त्रिवेदी आदि अधिवक्ता व पुलिस मौजूद रही।

बहन को आने में हुई देरी

भूपेंद्र के शव पोस्टमार्टम रात में ही करा दिया गया था। उनकी एक बहन की शादी बाहर हुई है। उनको घर पहुंचने में देर हो गई। इसलिए अंत्येष्टि देर से हो सकी। अचानक हुई इस घटना से परिवार के लोग सदमे में हैं। मां का हाल बेहाल है।

स्वतंत्रता सेनानी थे पिता

भूपेंद्र प्रताप सिंह के पिता बृजपाल सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। उनका परिवार कई वर्ष पहले शहर आकर बस गया था। यहां ईदगाह रोड स्थित बीवीजई हद्दफ मुहल्ले में आवास बनाकर रहने लगे। भूपेंद्र की शादी नहीं हुई थी। उनके साथ सबसे बड़े भाई योगेंद्र प्रताप, मां वीरवती, भाभी व भतीजा यहां रहते थे। जबकि छोटे भाई बीएसए महेंद्र प्रताप की वर्तमान तैनाती बदायूं में है। चार बहनें प्रेमलता, वंदना सिंह, साधना, रमा सिंह की शादी हो चुकी है।

इसलिए हुआ विवाद

योगेंद्र प्रताप ने बताया कि भूपेंद्र पढ़ाई में तेज थे। वह निजी ट्यशन पढ़ाते थे। उसके बाद उन्होंने कोचिंग शुरू की। जिसके लिए सुरेश गुप्ता का कमरा किराए पर लिया था। उन्होंने बताया कि सुरेश के बच्चे भी भाई से पढ़ते थे। उसके बाद किराये के रुपये व कमरा खाली कराने को लेकरदोनों में विवाद हो गया।

प्रभारी निरीक्षक करेंगे जांच

इस घटना की विवेचना एसपी एस आनंद ने सदर बाजार थाने के प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार को सौंपी है। इसकी मानीटरिंग वह स्वयं करेंगे। अगले एक दो दिन में इस हत्याकांड की जांच शुरू हो जाएगी।

Edited By: Ravi Mishra