जेएनएन, बरेली : मुरादाबाद में केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) में पकड़े गए बिहार के सॉल्वर गैंग ने बरेली में भी सेंध लगाई थी। गैंग के पकड़े गए सदस्यों नाजिम, दानिश व विपिन ने एसटीएफ की पूछताछ में यह खुलासा किया है। गैंग के मुख्य सरगना मुरादाबाद निवासी सचिन ने बरेली के तीन अभ्यर्थियों का ठेका लिया था। हालांकि, एसटीएफ के पहुंचने से पहले ही सचिन वहां से फरार हो गया। इसलिए सचिन ने बरेली के किन तीन अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर को बैठाया था इस बारे में पता नहीं चल सका है। हालांकि, एसटीएफ उसकी तलाश कर रही है।

एसटीएफ की माने तो सॉल्वर गैंग का सरगना सचिन पुलिस विभाग में तैनात एक दारोगा का बेटा है। वह 2018 में भी सीटेट की परीक्षा में बिहार के सॉल्वर गैंग के साथ पकड़ा गया था। वह इन दिनों जमानत पर छूटा था। जिसके बाद से लगातार बिहार के सॉल्वर गैंग से संपर्क में था। उसने बिहार के सॉल्वर गैंग से प्रति अभ्यर्थी 2.50 लाख रुपये में सौदा तय किया था। सचिन के साथ छह अन्य सॉल्वर भी भागने में कामयाब रहे हैं। जिनकी एसटीएफ तलाश कर रही है।

फार्म भरते समय किया धुंधली फोटो का उपयोग

बरेली एसटीएफ प्रभारी अजय पाल सिंह ने बताया कि पिछले काफी समय से वह बिहार के सॉल्वर गैंग का पीछा कर रहे थे। फरार सरगना सचिन ने बिहार के सॉल्वर गैंग से जैसे ही संपर्क किया, वह उनके पीछे लग थे। इस दौरान पता चला कि गैंग ने फार्म भरते ही काम शुरू कर दिया था।

अपकड़े जाने से बचने के लिए उन्होंने फार्म भरते समय से ही मिलती-जुलती हल्की धुंधली फोटो का उपयोग किया था। इस दौरान वह लगातार गैंग पर नजर गड़ाए थे। गैंग की लोकेशन मुरादाबाद में मिलते ही बरेली एसटीएफ टीम वहां के लिए रवाना हुई और गैंग में शामिल नाजिम, दानिश, विपिन समेत 10 को धर दबोचा। जबकि मुख्य सरगना सचिन व छह अन्य लोग भागने में कामयाब रहे।

बरेली में किसने दी परीक्षा, एसटीएफ कर रही तलाश

एसटीएफ अब सचिन की तलाश कर रही है। जिससे यह पता चल सके कि बरेली में तीनों सॉल्वरों ने किसकी जगह परीक्षा दी है। संभावना यह भी जताई जा रही है कि एसटीएफ की कार्रवाई के बाद सॉल्वरों ने शायद परीक्षा ही न दी हो।  

Posted By: Abhishek Pandey

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