बरेली, जेएनएन। पीलीभीत जनपद में कोविड-19 टीकाकरण में हुई घपलेबाजी की परतें खुलने लगी हैं। प्रदेश रैंकिंग में टाप करने की चाहत ने फर्जी टीकाकरण को बढ़ावा दे दिया जिससे बिना टीका लगवाए ही फर्जी आंकड़ें चढ़ा दिए गए। जनपद के एक-दो ब्लाकों को छोड़ दें तो अन्य सभी विकास खंडों में फर्जी टीकाकरण तेजी से हुआ है। पहली डोज, दूसरी डोज, बूस्टर डोज, किशोर टीकाकरण सभी में लक्ष्य पूरा करने की होड़ में हेरफेर करने के मामले सामने आ रहे हैं।

पिछले दिनों घुंघचाई क्षेत्र स्थित गन्ने के खेत में कोविड-19 टीकाकरण में प्रयुक्त होने वाली निडिल मिलने के बाद घुंघचाई क्षेत्र में ही कई लोगों के फर्जी टीकाकरण का शिकार होने का मामला सामने आया है। इन लोगों ने दूसरी डोज अब तक नहीं लगवाई है लेकिन इनके मोबाइल पर दूसरी डोज लगने का मैसेज आ चुका है। हैरानी की बात तो यह है कि कई लोगों के दूसरी डोज शाहजहांपुर जिले के बंडा क्षेत्र से चढ़ाई गई है। कई लोगों के जनपद में ही बिना वैक्सीन लगवाए दूसरी डोज चढ़ जाने का मामला सामने आया है।

कंट्रोल रूम से फोन पहुंचने के बाद लग जाता टीका: बूस्टर डोज का दबाब बना तो कंट्रोल रूम से फोन कर टीकाकरण कराने की अपील की गई। इस दौरान जो लोग टीका लगवाने नहीं पहुंच पाए तो लक्ष्य पूरा करने के लिए उनका टीका पोर्टल पर चढ़ा दिया गया। यह घटना कंट्रोल रूम से फोन पहुंचने के कुछ घंटे बाद हो जाती है। अधिकांशतः फर्जी टीकाकरण दोपहर बाद 3 बजे से 5 बजे के बीच हुआ है। यही हाल ओवर ड्यू लिस्ट में शामिल लोगों के साथ हुआ है। जिन्होंने स्वयं पहुंचकर लगवा ली तो ठीक अन्यथा स्वास्थ्य विभाग ने खुद ही उन पर मेहरबानी कर पोर्टल पर दूसरी डोज चढ़ा दी।

टीमों ने कहा- लक्ष्य पूरा करने का रहा दबाव: कोविड-19 टीकाकरण में हुए फर्जीवाड़े पर क्षेत्रों में टीकाकरण कर रही टीमों से वार्ता की गई। नाम न छापने की शर्त पर कई आशा व एएनएम ने बताया कि लक्ष्य पूरा करने के लिए अधिकारियों का बहुत दबाब रहता है। लोग वैक्सीन लगवाने को तैयार नहीं होते। कई लोग रोजगार के लिए बाहरी शहरों में हैं। ऐसे में वोटर लिस्ट, ड्यू लिस्ट, ओवर ड्यू लिस्ट से डाटा लेकर लक्ष्य पूरा किया जा रहा है।

जिसके लिए बजीं तालियां, वही फर्जी: जिलाधिकारी द्वारा कोविड-19 टीकाकरण में समीक्षा के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वालों की प्रशंसा की जाती रही। इस दौरान आंकड़ों के अनुसार सर्वाधिक टीकाकरण करने वाले व लक्ष्य प्राप्ति में अव्वल रहने वाले पूरनपुर के लिए कई बार तालियां बजवाई गईं। दरअसल ये तालियां फर्जी टीकाकरण की बदौलत लूटी गईं और मातहतों ने कभी जमीनी हकीकत जानने की जहमत नहीं उठाई। पूरनपुर के कई जागरूक लोग इंटरनेट मीडिया पर फर्जी टीकाकरण का मुद्दा उठा चुके हैं।

शाहजहांपुर में जांच शुरू, जल्द जनपद आएगी टीम: कोविड-19 टीकाकरण की प्रदेश रैंकिंग सूची में शाहजहांपुर अव्वल स्थान पर चल रहा है। शाहजहांपुर में रिकार्ड टीकाकरण के आंकड़ों को देखकर शासन के अधिकारियों को शंका हुई तो जांच के आदेश दे दिए गए। यूएनडीपी की टीम टीकाकरण की जमीनी हकीकत परखने के लिए शाहजहांपुर पहुंची। अब तक दो ब्लाकों पर हुई जांच में गड़बड़ी सामने आई है। आंकड़ों व जमीनी हकीकत में बड़ा फर्क देखने को मिला है। जल्द ही जनपद में भी कोविड-19 टीकाकरण के फर्जीवाड़े की जांच शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसमें कई जिम्मेदारों पर गाज गिर सकती है।

क्‍या कहते हैं लोग: मैंने पहली डोज घुंघचाई के दिलावरपुर में लगवाई थी। दूसरी डोज अब तक नहीं लगवाई है लेकिन 4 जनवरी को दोपहर 2.35 बजे दूसरी डोज लगने का मैसेज मोबाइल पर आ गया। फर्जी टीकाकरण से रिकार्ड बनाया जा रहा है।-- जदुवीर सिंह

मैंने वैक्सीन की पहली डोज 27 सितबंर को सिमरिया में लगवाई थी। दूसरी डोज लगवाए बिना 16 जनवरी को मोबाइल पर पूरनपुर के मुरादपुर में दूसरी डोज लग जाने का मैसेज मिल गया। ऐसा ही मेरे बेटे के साथ हुआ। टीकाकरण में फर्जीवाड़ा हो रहा है।- - विमलेश कुमार पांडेय

मेरे परिवार के सभी सदस्यों के फर्जी तरीके से दूसरी डोज लगा दी गई है। मेरी पत्नी, बहन, पिता व आस पड़ोस में रहने वाले लोगों ने पूरनपुर के दिलावरपुर में पहली डोज लगवाई थी। अब दूसरी डोज लगवाए बिना ही पोर्टल पर चढ़ा दी गई है।- - कृष्णकुमार

क्‍या बोले सीएमओ: सीएमओ डा आलोक कुमार ने कहा कि जिन लोगों को इस तरह की दिक्कतें सामने आ रही हैं, वह दूसरी डोज लगवा अवश्य लें। इस तरह की शिकायतों की जांच कराई जाएगी।

Edited By: Vivek Bajpai