शाहजहांपुर, जेएनएन। Big crash on railway crossing :  लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित हुलासनगरा रेलवे क्रासिंग पर गुरुवार सुबह 5:27 बजे गेटमैन की लापरवाही से बड़ा हादसा हो गया। चंडीगढ़ से लखनऊ जा रही चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस के वहां पहुंचने तक गेट बंद नहीं हो सका।

हुलासनगरा क्रासिंग पर तैनात गेटमैन जितेंद्र यादव को सुबह पांच बजकर छह मिनट पर सूचना मिली कि तीन मिनट बाद वहां से चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस के गुजरेगी। उस समय क्रासिंग से वाहन गुजर रहे थे। अपने तय समय पर ट्रेन वहां पहुंच गई, लेकिन जितेंद्र गेट बंद नहीं कर सका।

तेज रफ्तार ट्रेन ने क्रासिंग से गुजर रहे ट्रक और बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। जबकि कुछ घायल हैं। इनकों बरेली के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।घटना के बाद ट्रेन भी पलटते-पलटते बची। 

ट्रेन चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन ट्रेन क्रासिंग से गुजर रहे वाहनों में एक के बाद एक टक्कर मारते हुए कुछ दूर आगे जाकर रुकी। घटना के बाद वहां पर अफरा तफरी मच गई। पुलिस और आरपीएफ पहुंची। आसपास के गांव के लोगों की मदद से वाहनों में फंसे लोगों को निकालना शुरू किया।

सीओ तिलहर परमानंद पांडेय ने बताया कि हादसे में पांच लोगों की मौत हुई है। घायलों को बरेली के सिदि्धविनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मरने वालों की शिनाख्त हुलासनगरा गांव के प्रेमपाल, तिलहर निवासी सिदाक़त, उनकी पत्नी गुलिस्ता व बेटे हमजा और ट्रक चालक सत्येंद्र सिंह निवासी पंजाब के महौली के सासनगर के रूप में हुई है।

प्रेमपाल क्रासिंग पार कर खेत पर जा रहे थे। तभी ट्रेन की चपेट में आ गए, जबकि सदाकत बरेली की ओर से पत्नी व बेटे के साथ बाइक से आ रहे थे।हादसे के बाद ट्रेन खड़ी है, उसका इंजन क्षतिग्रस्त हो गया है।करीब आठ बजे रोजा से लोको इंजन मंगाकर ट्रेन को कासन देकर 20 की रफ्तार से निकाला गया।हादसे के कारण बरेली लखनऊ रेल मार्ग प्रभावित हुआ। कर्मचारियों ने छह घंटे की मशक्कत के बाद रेलवे ट्रैक को क्लीयर किया और मार्ग पर ट्रेनों की रवानगी शुरू हुई। 

लोको पायलट को झपकी आने से हुआ हादसा

हादसे के बाद डीआरएम मुरादाबाद मंडल भी मौके पर पहुंचे और पड़ताल शुरू की।प्राथमिक जांच में सामने आया है कि लोको पायलट को नींद की झपकी आ गई थी। उसने सिग्नल ओवरशूट किया है। सिगनल रेड होने के बाद भी उसने ट्रेन नहीं रोकी।पायलट व असिस्टेंट लोको पायलट दोनों की गलती प्रथम दृष्टयता सामने आयी है।जांच में यह भी तथ्य सामने आया है कि कई दिन से क्रासिंग का गेट टूटा हुआ था। जंजीर व पाइप लगाकर ट्रेनों को क्रास कराया जाता था। पिछले कई साल से क्रासिंग पर फ्लाईओवर के निर्माण का काम रेलवे के हिस्से का बाकी है।इसके चलते रोज कई कई घंटेे जाम लगता है।