बरेली, जेएनएन : प्रदेश में बीएड की एडमिशन प्रक्रिया बंद हुए डेढ़ महीने से ज्यादा वक्त बीत चुका है। मगर कॉलेज के खातों में कोर्स की फीस नहीं पहुंची है। बेचैन कॉलेज संचालक प्रवेश परीक्षा आयोजक एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर टकटकी लगाए हैं। कुछ कॉलेज प्रोफेसर और प्रशासन से भी संपर्क साधने लगे हैं। कॉलेजों की इस बेचैनी के बीच विवि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 15 सितंबर से कॉलेजों को फीस भेजने की शुरुआत होगी और 30 सितंबर तक सबकी फीस दे दी जाएगी।

उत्तर प्रदेश बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा का आयोजन एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने किया था। पंद्रह जुलाई को एडमिशन बंद हो गए थे। इसमें करीब 2.11 लाख छात्र-छात्रओं ने प्रवेश लिया था। प्रवेश के दौरान अभ्यर्थियों ने पूरी फीस, करीब 52 हजार रुपये रुविवि के वित्त अधिकारी के नाम जमा की थी। यही फीस अब कॉलेजों को वापस होनी है। रुविवि प्रशासन के मुताबिक 15 से 30 सिंतबर तक ही फीस लौटाने की समयसीमा निर्धारित की थी। इसी अंतराल में फीस लौटा दी जाएगी।

पंद्रह सितंबर से कॉलेजों को फीस भेजने की शुरुआत कर दी जाएगी। प्रक्रिया चल रही है। -प्रो. बीआर कुकरेती, राज्य प्रवेश परीक्षा समन्वयक बीएड

डेढ़ महीने बाद पीजीडीसीए का एडमिशन निरस्त

एमजेपी रुविवि से संबद्ध कॉलेजों में नियमों को ताक पर रखकर प्रवेश कर लिए गए। पीजीडीसीए में एक कॉलेज ने पांच साल गैप का हवाला देकर अमित चौधरी का एडमिशन रद कर दिया है। अमित ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी से शिकायत की। आरोप लगाया कि कॉलेज ने धोखाधड़ी की है। इनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। क्योंकि कॉलेज की गलती से मेरा साल खराब हुआ है। रुविवि के प्रवेश समन्वयक प्रो. एसके पांडेय के मुताबिक कुछ डिप्लोमा कोर्स में पांच साल गैप वालों का प्रवेश नहीं होता है। कॉलेज को प्रवेश नहीं लेना चाहिए था।

Posted By: Abhishek Pandey

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