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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महिलाओं को पंसद आया पैराशूट लैंप तो बच्चों को भायी ग्रीन फुलझड़ी, यहां मौजूद है 10 से लेकर 10,000 रूपये तक के पटाखे

By Ravi MishraEdited By:
Published: Wed, 03 Nov 2021 08:47 AM (IST)

Bareilly Pataka Market दीपावली के लिए पटाखा बाजार सज गया है। सौ फुटा रोड पर जहां थोक की 20 दुकानें ...और पढ़ें

Bareilly Pataka Market : महिलाओं को पंसद आया पैराशूट लैंप तो बच्चों को भायी ग्रीन फुलझड़ी,
Bareilly Pataka Market : महिलाओं को पंसद आया पैराशूट लैंप तो बच्चों को भायी ग्रीन फुलझड़ी,

बरेली, जेएनएन। Bareilly Pataka Market : दीपावली के लिए पटाखा बाजार सज गया है। सौ फुटा रोड पर जहां थोक की 20 दुकानें लगी हुई हैं। वहीं 155 फुटकर दुकानदारों को छह जगह दुकानें लगाने की प्रशासन से अनुमति मिली है। मंगलवार को बाजार में एक से बढ़कर एक पटाखे देखने को मिले। ग्रीन फुलझड़ी, मल्टीकलर अनार, बूबू अनार से लेकर राकेट व तेज आवाज वाले बम, चकरघिन्नी की अच्छी डिमांड रही। वहीं पटाखा बाजार को लेकर पुलिस व प्रशासन दोनों सख्त दिखा।

कारोबारी इस बार दुकानों पर ग्रीन पटाखें ही बेच रहे हैं। दुकानदारों के मुताबिक इस बार उनके पास 50 से 60 वैराइटी के पटाखे हैं। जिनकी कीमत 10 रुपये से शुरु होकर 10 हजार रुपये तक है। दिवाली की धूम धनतेरस से शुरू हो गई है। साथ ही पटाखों की धमक से पर्व का उत्साह परवान चढ़ गया है। त्योहार की रौनक बढ़ाने के लिए पटाखा बाजार सज गया है। बाजार में फूलझड़ी की भी एक से बढ़कर एक वैरायटी है। आसमान में सतरंगी छटा बिखेरने वाली हवाइयां सजाई गई हैं। वहीं पैराशूट लैंप महिलाओं की पसंद बने हुए हैं। इस लैंप में कई आकर्षक कलर उपलब्ध हैं। इसकी कीमत 50 से 100 रुपये है।

ओलंपिक अनार से लेकर गरबा नाइट तक बाजार में

पटाखों में इस बार भी काफी सारी वेरायटी नई और खास है। पिछले साल प्रमुख पटाखों के जो रेट थे, इस बार वह और महंगे हो गए हैं। मल्टीकलर अनार, ओलंपिक अनार, बूबू अनार, लालीपाप, मैजिक ट्री, गरबा नाइट, कोरोनेशन, क्रैकिंग बुलेट सभी ग्रीन पटाखों की बिक्री हो रही है।

शिवकाशी की फैक्ट्री में तैयार पटाखे जलाए जाएंगे

इस बार बरेली में केवल शिवकाशी में तैयार ग्रीन पटाखे ही थोक से लेकर फुटकर पटाखा बाजार में बिक्री के लिए पहुंचे हैं। हालांकि इस बार इनके रेट में काफी वृद्धि हुई है। पटाखा कारोबारियों के मुताबिक जून के बाद कंपनियों ने पटाखों का प्रोडक्शन शुरु किया। इसी बीच बारिश के चलते काम एक बार फिर ठप हो गया। इस बार पटाखों का कारोबार केवल 30 प्रतिशत ही हुआ है। इसके अलावा डीजल महंगा होने के कारण भाड़ा बढ़ गया। जिससे दाम में और तेजी हुई है।

चायना के पटाखा बाजार से गायब

थोक से लेकर फुटकर पटाखा विक्रेताओं ने इस बार चायना के पटाखों को न किया है। किसी भी दुकान में इस बार चायना का माल नहीं दिखा। सभी ने स्पष्ट केवल ग्रीन व मेड इन इंडिया के पटाखों की बिक्री होने की बात चस्पा की है।

बाजार में इस बार केवल ग्रीन पटाखा ही बिक्री के लिए आया है। पिछले साल की तुलना में इस बार दाम में काफी वृद्धि है। कंपनियों ने ज्यादा वैरायटी भी नहीं बनाई है। - आशीष सिंघल, पटाखा कारोबारी

ग्राहक इस बार रोशनी वाले पटाखे ज्यादा पसंद कर रहे हैं। सबसे अधिक पिकाक (मोर) डास, क्रेकिंग शाट, बच्चों के लिए पाप अप, धागा, माचिस की डिमांज कर रहे हैं। ग्राहकों की अच्छी आवक है। - पुष्पेंद्र नाथ गुप्ता, पटाखा कारोबारी

सबसे ज्यादा हवाई शाट्स लोगों को भा रहे हैं। पहले कोरोना और उसके बाद बारिश के चलते फैक्ट्री में उत्पादन अधिक नहीं हो सका। इसके अलावा डीजल महंगा होने से भाड़ा अधिक है। इससे रेट काफी है। - अंकुश पावा, पटाखा कारोबारी

चकरी, अनार, फूलझड़ी से लेकर सीको समेत अन्य पटाखों में 25 प्रतिशत की महंगाई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार ही व्यापारी पटाखों की बिक्री कर रहे हैं। - विक्रांत सिंघल, पटाखा कारोबारी