बरेली, जागरण संवाददाता। Bareilly Weather News : धान और गन्ना समेत लतावर्गीय फसलों के लिए तेज हवा संग आई वर्षा ने फायदे के साथ ही नुकसान भी कर दिया। सितंबर के तीसरे सप्ताह में रिमझिम वर्षा ने फसलों की जड़ों को नम कर दिया और तेज हवा ने पौधों को गिरा दिया। इससे पांच से दस प्रतिशत तक नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है।

फसलों की बुवाई के समय काफी देरी से वर्षा हुई। इससे फसलों की बुवाई देरी से शुरू हुई। इसके बाद किसानों ने खेतों की तराई करके किसी तरह फसलों को बाेया। इसके बाद कम वर्षा से किसानों की सिंचाई बढ़ गई।

आंकड़ों के मुताबिक 10 सितंबर तक करीब 150 मिलीमीटर वर्षा हुई थी, जबकि सितंबर के तीसरे सप्ताह में 21 मिलीमीटर वर्षा होने से जिले में ग्रामीण क्षेत्र के कुछ जगहों पर धान और गन्ने की फसल गिर गई।

अक्टूबर में धान की कटाई से ठीक पहले काफी बारिश हो गई थी। कई स्थानों पर बाढ़ आ गई थी। तब सैकड़ों एकड़ धान की फसल पानी में डूबकर नष्ट हो गई थी। अब फिर धान की कटाई करीब है और मौसम अपना रुख बदलने लगा है।

अभी तक किसान कम बारिश से परेशान थे और अब बारिश होने से फसलें खराब होने का खतरा मंडराने लगा है। मौसम विभाग ने फिर से वर्षा का पूर्वानुमान जताया है। अगर ऐसे में तेज हवाओं के साथ वर्षा होती है तो फसल गिर सकती है।

पहले सूखा ने खर्च बढ़ाया, अब वर्षा ने फसलों को गिराया

भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों के नेतृत्व में किसानों ने जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की थी। विकास भवन में माह के तीसरे बुधवार को आयोजित किसान दिवस में भी किसानों ने जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की थी, क्योंकि फसलों की सिंचाई कराने में किसानों को भारी रकम खर्च करनी पड़ी थी। लेकिन बाद में तेज हवा के साथ हुई वर्षा ने फसलों को गिरा दिया। इससे किसान पूरी तरह से बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गया है।

मौसम विभाग ने तीन दिन वर्षा का जताया अनुमान

तेज हवा के संग हुई वर्षा की वजह से गिर चुकी फसल से किसान पहले ही परेशान हैं। इधर, मौसम विभाग की ओर से जारी किये गए पूर्वानुमान ने शुक्रवार से रविवार तक वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है। इससे किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

- बरेली क्षेत्र में फिलहाल वर्षा इतनी नहीं हुई कि फसलों को नुकसान पहुंचाए। लेकिन तेज हवा के संग हुई वर्षा की वजह से गन्ना और धान की फसलें गिर गई हैं। इससे फसलाें में फिलहाल तो पांच प्रतिशत का नुकसान है, लेकिन अगर तेज हवा के संग और वर्षा हो गई तो नुकसान बढ़ सकता है। रंजीत सिंह, कृषि वैज्ञानिक

Edited By: Ravi Mishra