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लखनऊ-गाजियाबाद को पीछे छोड़ रहा बरेली: 4 साल में बिके 9400 प्लॉट, ₹1.80 लाख तक पहुंची कीमतें

Published: Tue, 05 May 2026 06:48 AM (IST)

बरेली में बीडीए की आवासीय योजनाओं, रामगंगा नगर, ग्रेटर बरेली और महादेवपुरम में भूखंडों की जबरदस्त मांग देखी जा रही ...और पढ़ें

बरेली व‍िकास प्राध‍िकरण

बरेली व‍िकास प्राध‍िकरण

HighLights

  1. रामगंगा नगर, ग्रेटर बरेली के बाद अब पीलीभीत बाइपास रोड पर प्रस्तावित महादेवपुरम के लिए भी आए 4400 आवेदन

जागरण संवाददाता, बरेली। शहर में सुनियोजित विकास को गति देने के लिए बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने अवैध निर्माण पर सख्ती के साथ बीते पांच वर्ष में तीन नए आवासीय योजनाओं को धरातल पर उतारा। जिसमें रामगंगा नगर आवासीय योजना में आवासीय, ग्रेटर बरेली आवासीय योजना और अब पीलीभीत बाइपास रोड पर महादेवपुरम आवासीय योजना शामिल है।

12 सेक्टरों में विकसित रामगंगा नगर में आवासीय भूखंडों की डिमांड इस कदर है कि योजना में जनवरी-2022 से जनवरी-2026 तक 7900 भूखंड (आवासीय-व्यवसायिक) बिक गए।

इसी तरह 211 हेक्टेयर और 12 सेक्टरों में विकसित हो रही ग्रेटर बरेली आवासीय योजना में चार सेक्टरों में तीन वर्ष में 1500 से अधिक आवासीय एवं व्यवसायिक भूखंड लोगों ने खरीदते हुए अपने नाम करा लिए। अन्य सेक्टरों के विकास के बीच लोगों के आवेदन अब भी लगातार आने का दावा किया जा रहा है।

इसी तरह बीडीए की पीलीभीत बाइपास रोड पर नई प्रस्तावित आवासीय योजना महादेवपुरम में भी लोग भूखंड खरीदने को खूब रुचि दिखा रहे। स्थिति यह है कि 267 हेक्टेयर और 13 सेक्टरों में विकसित हो रही योजना के भूमि अधिग्रहण के दौरान ही 4400 से अधिक लोगों ने डिमांड सर्वे में आवेदन किया है।

बीडीए उपाध्यक्ष डा. मनिकंडन ए. के अनुसार शहर में सुनियोजित विकास और एक ही योजना में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली-पानी, मार्केट आदि की सुविधा मिलने से लोगों की रुचि बीडीए की योजनाओं में बढ़ी है। डिमांड को देखते हुए पीलीभीत बाइपास रोड प्रस्तावित महादेवपुरम में आगामी तीन माह में भूखंडों के आवंटन शुरू क‍िए जाएंगे।

कहा कि ग्रेटर बरेली आवासीय योजना के अन्य सेक्टरों में भी शीघ्र ही लोगों को भूखंड आवंटन किए जाएंगे, इसके लिए समय-समय पर आवेदन आमंत्रित किया जा रहा। अधिकारियों के दावे के अनुसार प्रदेश में लखनऊ व गाजियाबाद की तरह ही बरेली में भूखंडों की सबसे अधिक डिमांड है।

नई योजनाओं में संपूर्ण विकास से मिला लाभ

शहर में अवैध निर्माण पर बीते पांच वर्ष में बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) का बुलडोजर जमकर चला है। अलग-अलग हिस्सों में डेढ़ हजार से अधिक छोटे-बड़े अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया। जिसका असर रहा है कि एक वर्ष में 80 से अधिक लोगों ने अपने-अपने भवनों की कंपाउंडिंग भी कराई।

वर्ष-2021 से वर्ष 2025 तक साढ़े तीन हजार से अधिक अवैध निर्माण के विरुद्ध नोटिस एवं तीन हजार से अधिक के विरुद्ध ध्वस्तीकरण आदेश पारित किया गया। जिसमें पर डेढ़ हजार से अधिक अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया गया।

अवैध निर्माण पर सख्ती का असर रहा कि शहर में अनियोजित विकास पर लगाम लगा और बीडीए की योजनाओं में भूखंडों की डिमांड बढ़ी।

रामगंगा नगर में 1.80 लाख प्रति वर्गमीटर तक बिके भूखंड

पीलीभीत बाइपास और बड़ा बाइपास रोड के मध्य 269 हेक्टेयर में विकसित रामगंगा नगर आवासीय योजना का विकास यूं तो बीडीए द्वारा वर्ष-2004 से किया जा रहा है। मगर, अतिक्रमण और कोर्ट आदि में कई तरह के प्रकरण होने से योजना का विकास पूरी तरह ठप पड़ा था।

योजना के विकास को वर्ष-2021 से गति मिलनी शुरू हुई, जिसके बाद एक सैकड़ा से अधिक अतिक्रमण को हटाने के बाद योजना में भूखंडों का तेजी से सृजन कर आमजन को आवंटित कर कब्जा दिलाया गया, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा और स्थिति यह रही कि योजना में ही 1.80 हजार प्रतिवर्गमीटर तक के भूखंड की बोली लगाई गई।

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