बरेली में ₹3.62 करोड़ का पानी टैंक धराशायी: 5 ग्रामीण मलबे में दबे, 2 इंजीनियर बर्खास्त और कंपनी ब्लैकलिस्ट
बरेली के सरदार नगर गांव में सात माह पहले बना 3.62 करोड़ का ओवरहेड टैंक ढह गया, जिसमें पांच ग्रामीण ...और पढ़ें

धराशायी ओवरहेड टैंक
HighLights
कार्यदायी संस्था एनसीसी के विरुद्ध प्राथमिकी, काली सूची में डालने को नोटिस जारी
एक जेई की विभागीय जांच के निर्देश और एक्सईएन के विरुद्ध भी जारी किया नोटिस
जागरण संवाददाता, बरेली। जल जीवन मिशन योजना के तहत सरदार नगर गांव में सात माह पहले बना ओवरहेड टैंक सोमवार को धराशायी हो गया। उसके नीचे पांच लोग दब गए, जिसमें से तीन की हालत गंभीर है। मामले में शासन ने जिम्मेदार इंजीनियरों और कार्यदायी संस्था के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जल निगम ने हैदराबाद की एनसीसी लिमिटेड से टैंक बनवाया था, जिसमें 3.62 करोड़ रुपये खर्च हुए। सात महीने पहले इसे हैंडओवर किया गया, जिसके बाद पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई। ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण के दौरान गुणवत्ताहीन सामग्री देखकर विरोध दर्ज कराया था।
कई अफसरों से शिकायत की मगर, किसी ने सुनवाई नहीं की। सोमवार शाम पांच बजे कुछ ग्रामीण टैंक के नीचे स्लैब पर बैठे थे। उसी दौरान टैंक भरभराकर गिर गया। उसके मलबे में डोरीलाल, वीरपाल, रविंद्र उर्फ डब्बू, अर्जुन कश्यप और वेदपाल दब गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर अन्य ग्रामीण मदद को दौड़े।
मलबा हटाकर पांचों लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया। सिद्धि विनायक अस्पताल में भर्ती डोरीलाल, रविंद्र उर्फ डब्बू और वीरपाल की हालत गंभीर बनी हुई है। अर्जुन व वेदपाल की हालत खतरे से बाहर है। हादसे की सूचना पर पहुंचे सीओ आंवला नितिन कुमार व प्रशासनिक अधिकारियों ने मशीन मंगवाकर मलबा हटाया।
डीएम अविनाश सिंह ने देर शाम अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल लिया। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि एसपी ट्रैफिक अकमल खान को गांव भेजा था। मलबे के नीचे किसी अन्य ग्रामीण के दबने की पुष्टि नहीं हुई। प्रशासन ने टैंक गिरने के कारण जानने के लिए जांच बैठा दी है। उसमें लगाई गई निर्माण सामग्री की गुणवत्ता भी देखी जाएगी।
जल शक्ति मंत्री ने की सख्त कार्रवाई
घटना का संज्ञान लेकर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जल निगम ग्रामीण के संबंधित जूनियर इंजीनियर को निलंबित कर दिया है। राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
जल निगम ग्रामीण के असिस्टेंट इंजीनियर के खिलाफ विभागीय जांच और अधिशासी अभियंता कुमकुम गंगवार के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है। कार्यदायी संस्था एनसीसी लिमिटेड के विरुद्ध प्राथमिकी लिखाई है। वहीं टीपीआइ बीएलजी के बरेली स्थित सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को हटा दिया गया है और कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है।
कार्यदायी एजेंसी एनसीसी लिमिटेड और टीपीआइ बीएलजी को काली सूची में डालने का नोटिस जारी किया गया है। मामले की प्रारंभिक जांच टेक्निकल आडिट कमेटी को सौंपी गई है। कमेटी अपनी रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर देगी। जलशक्ति मंत्री ने टीएसी रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले की समीक्षा कर अग्रिम कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
