बरेली, जेएनएन। Bareilly Maulana Shahbuddin Razvi Letter : बरेलवी उलमा मौलाना शहाबुद्दीन रजवी जेल में बंद आजम खां की रिहाई न होने पर समाजवादी पार्टी और मुलायम सिंह यादव से बहुत नाराज हैं। उन्होंने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा कि सपा सरकार में कानून के उल्लंघन व गलत निर्णयों के कारण आजम खां को जेल जाना पड़ा। अब आप ही उनकी रिहाई का रास्ता बनाइए।

मौलाना ने बुधवार को योगी और मुलायम सिंह को अलग-अलग पत्र लिखे। योगी को लिखे पत्र में कहा कि सीतापुर जेल में बंद रामपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री आजम खां के लिए वहां उचित व्यवस्थाएं नहीं हैं। प्रदेश का मुखिया होने के साथ ही आप संत भी हैं। हम उम्मीद करते हैं कि उनकी स्थिति पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रिहाई का रास्ता तैयार कराएं। यदि ऐसा हुआ तो प्रदेश ही नहीं, देशभर के मुसलमानों की हमदर्दी आपके साथ होगी। आपके प्रति सोच में बदलाव भी होगा।

जागरण ने जब इस संबंध में मौलाना से पूछा कि कौन से कानून के उल्लंघन की बात कर रहे हैं तो, उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने निर्माण कार्यों में कानून का उल्लंघन कराया था, यह बात सभी को पता है इसलिए मुझे ज्यादा बताने की जरूरत नहीं। इस वजह से ही आजम खां को जेल जाना पड़ा। रिजवी ने ही कुछ दिन पहले ही मुसलमानों के सपा से दूरी बनाने की अपील की थी।

कौन हैं शहाबुद्दीन

मौलाना शहाबुद्दीन आल इंडिया तंजीम उलमा ए इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव हैं। यह संगठन मुन्नी मुसलमानों के केंद्र दरगाह आला हजरत से जुड़ा हुआ है। विधानसभा चुनाव और इसके बाद भी शहाबुद्दीन अपील कर चुके कि मुसलमान सपा का साथ छोड़ दें।भाजपा से बेवजह विवाद खड़े न करें। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव को भी पत्र लिखा है। इसमें उनसे तल्ख सवाल किए हैं। पूछा कि आजम खां के लिए चुप्पी क्यों साधे हैं।

यह चुप्पी नहीं टूटी तो हम मानेंगे कि आपको मुसलमानों के मुद्दों से कोई वास्ता नहीं रह गया है। पुराने दिनों का संदर्भ दिया कि आजम खां ने ही आपको मौलाना मुलायम की उपाधि दी थी। अखिलेश यादव के पहले चुनाव से लेकर मुख्यमंत्री बनाने तक गांव-गांव जाकर झोली फैलाकर वोट की भीख मांगी थी। अफसोस की बात है कि उन पर विपत्ति आई तो सपा ने अकेला छोड़ दिया।

इस पत्र के माध्यम से प्रदेश के मुसलमानों का दर्द प्रकट कर रहा हूं। आप संसद सदस्य हैं, फिर भी आपने सदन में कभी आजम खां की रिहाई के लिए आवाज नहीं उठाई। सदन में आपने नरेन्द्र मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनने की शुभकामना दी थी। वह दोबारा प्रधानमंत्री बन भी गए। आपके उनसे अच्छे संबंध है। आजम खां की रिहाई के लिए प्रधानमंत्री से बात करें। 

Edited By: Ravi Mishra

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