बरेली, जेएनएन। Bareilly Nagar Nigam News :  अफसरों की अनुकंपा कुछ खास अधिकारियों व कर्मचारियों पर ही बरसती है, यह बात नगर निगम के कर अधीक्षक आरपी सिंह के लिए सटीक बैठती है। सात साल से बरेली नगर निगम में काम करने वाले कर अधीक्षण अफसरों के खास बने रहे। यही कारण है कि तीन साल पहले गाजियाबाद तबादला होने के बावजूद वह आसानी से काम करते रहे। नई तबादला नीति आने से पहले अब उन्हें रिलीव कर दिया गया है।

नगर निगम बरेली में वर्ष 2013 में कर अधीक्षक के पद पर आए आरपी सिंह हमेशा सुर्खियों में बने रहे हैं। जोन एक और दो में टैक्स रिकवरी की कमान उनके हाथ में रही। इसके साथ ही उन्हें अन्य प्रभार भी दिए गए। नगर निगम में जो भी नगर आयुक्त आए, वह उनके खास बने रहे। महापौर डा. उमेश गौतम ने वर्ष 2019 में लंबे समय से नगर निगम में जमे अधिकारियों की शिकायत शासन में की थी। शासन ने कर अधीक्षक का तीन साल पहले गाजियाबाद तबादला कर दिया था।

टैक्स रिकवरी व अन्य कामों का बखूबी पूरा करने के चलते अधिकारियों ने उन्हें रिलीव नहीं किया। उन्हें रिलीव नहीं किए जाने से नाराज महापौर ने शासन में दोबारा पत्र भेजा, जिसमें अफसरों की मनमानी के आरोप लगाए थे। उन्हें रिलीव नहीं करने की शिकायत अधिवक्ता व पूर्व पार्षद राजेश तिवारी ने भी शासन में की थी। इस पर दो दिन पहले अचानक कर अधीक्षक आरपी सिंह को यहां से कार्यमुक्त कर दिया गया है।

Edited By: Ravi Mishra