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न्याय या अन्याय? बरेली नगर निगम का 'अजीब' बुलडोजर: जिसने शिकायत की, उसी का घर ढहा दिया!

Published: Wed, 18 Mar 2026 12:13 AM (GMT+05:30)

बरेली नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई पर सवाल उठे हैं। सीबीगंज में शिकायतकर्ता गौरव गुप्ता के घर का चबूतरा ...और पढ़ें

नगर निगम की टीम ने सीबीगंज में अतिक्रमण हटाने में किया पक्षपात, शिकायतकर्ता का चबूतरा तोड़ा, जबकि अन्य अतिक्रमण छोड़ा।

नगर निगम की टीम ने सीबीगंज में अतिक्रमण हटाने में किया पक्षपात, शिकायतकर्ता का चबूतरा तोड़ा, जबकि अन्य अतिक्रमण छोड़ा।

HighLights

  1. मुख्यमंत्री पोर्टल के साथ ही मंडलायुक्त से भी व्यापारी ने की थी शिकायत

  2. नगर निगम ने कर दिया था फर्जी निस्तारण, तीन मीटर तक है अतिक्रमण

जागरण संवाददाता, बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त हैं, लेकिन मातहत उस पर ध्यान नहीं दे रहे। अतिक्रमण हटाने को लेकर नगर निगम की कार्यशैली फिर एक बार पक्षपात पूर्ण रही। सीबीगंज में अतिक्रमण की शिकायत करने वाले व्यापारी के घर का चबूतरा ही तोड़ दिया, जबकि वहां सड़क घेरकर बने टीन शेड होटल और दुकानों का पक्का निर्माण को छोड़ दिया गया।

सीबीगंज के खलीलपुर निवासी व्यापारी गौरव गुप्ता ने कुछ समय पहले सीबीगंज इंटर कालेज के पास सड़क पर तीन मीटर तक अवैध रूप से पक्का निर्माण किए जाने की शिकायत आइजीआरएस पोर्टल पर की थी। इस पर नगर निगम की टीम ने आकर तीन मीटर पीछे बना उनके घर का ही टीन शेड तोड़ दिया। बराबर में बनी पक्की दुकानें और टीन डालकर चलाया जा रहा होटल नहीं तोड़ा।

इतना ही नहीं पोर्टल पर फर्जी निस्तारण भी दिखा दिया। इसके बाद उन्होंने मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी से मामले की शिकायत की। व्यापारी ने बताया कि सोमवार को मौके पर पहुंचकर निगम की टीम ने नापजोख की, जिसमें तीन मीटर तक सड़क पर अतिक्रमण पाया गया। आरोप है कि टीम ने उन पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया।

मना करने पर मंगलवार को आकर सिर्फ उनके घर के आगे बने चबूतरे पर बुलडोजर चलवाकर उखाड़ दिया। बराबर में बनी पक्की दुकानों और टीन शेड को छोड़कर टीम वापस चली गई। उन्होंने निगम की टीम में शामिल लोगों का अतिक्रमण करने वालों से सांठगांठ का आरोप लगाया। कहा, निगम की पक्षपातपूर्ण कार्यशैली से वहां अन्य लोगों में आक्रोश है।

कालीबाड़ी में भी एकतरफा कार्रवाई का आरोप

शहर के कालीबाड़ी में अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की मनमानी और लापरवाह कार्यशैली से लोगों को गुस्सा फूट पड़ा। कार्रवाई के दौरान रसूखदारों के कब्जे छोड़ने और गरीबों के कब्जे शिकायत के नाम पर तोड़ने पर लोगों ने विरोध कर दिया।

सिकलापुर के पार्षद जयप्रकाश राजपूत ने भी अधिकारियों से शिकायत कर एकतरफा कार्रवाई करने और रसूखदारों पर नरमी बरतने का आरोप लगाते हुए अतिक्रमण दस्ते के जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता मंगलवार दोपहर कालीबाड़ी रोड पर सड़क-फुटपाथ और नालियों के ऊपर हुए अतिक्रमण को हटाने पहुंचा था।

टीम विष्णु बाल सदन स्कूल के पास पहुंची तो कब्जेदारों में खलबली मच गई। कब्जेदार अपने सामान लेकर इधर-उधर भागने लगे। नालियों की सफाई का हवाला देते हुए टीम ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की लोग विरोध पर उतर गए। 19 मार्च से नवरात्र का शुभारंभ होने और मंदिर के पास लगे दुकानों को हटाने से रोजगार प्रभावित होने की बात कहते आक्रोशित हो उठे। इसके बाद भी अतिक्रमण दस्ते ने लोगों के सामान जब्त कर लिया।


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