विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 30, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बरेली में कांवड़ियों से बवाल का निकला चुनावी कनेक्शन, भाई की हत्या के बाद लिखी थी पटकथा

By Ravi MishraEdited By:
Published: Sat, 30 Jul 2022 09:28 AM (IST)

Bareilly Kanwad Yatra Case Update बरेली में कांवड़ियों से बवाल का चुनावी कनेक्शन निकला है।पूरा मामला भाई की हत्या का ...और पढ़ें

बरेली में कांवड़ियों से बवाल का निकला चुनावी कनेक्शन, भाई की हत्या के बाद लिखी थी पटकथा
बरेली में कांवड़ियों से बवाल का निकला चुनावी कनेक्शन, भाई की हत्या के बाद लिखी थी पटकथा

बरेली, जागरण संवाददाता। Bareilly Kanwad Yatra Case Update : बरेली के परगवां बवाल का मुख्य आरोपित जुवैश का भाई हाजी इशहाक की बीते साल प्रधानी चुनाव के रंजिश में हत्या हो गई थी। आरोपित हिंदू पक्ष के लोग थे। उपचुनाव में इशहाक की पत्नी शकीना ने जीत दर्ज की लेकिन प्रधानी का पूरा काम जुवैश देखने लगा।

गांव वालों के मुताबिक, इसी के बाद जुवैश ने खुराफात शुरू कर दिया। कांवड़ यात्रा में बवाल की पटकथा लिखी जिसे शुक्रवार को उसने साथियों संग अंजाम दिया। वह इस जिद पर अड़ था कि कांवड़िये उसके रास्ते से गुजरेंगे तो डीजे नहीं बजेगा। इसके लिए पहले आवाज धीमी करने की बात कही।

इतने में कांवड़ियों की नोकझोंक शुरू हुई कि आरोपित ने तय योजना के तहत साथियों को बुला लिया और मारपीट शुरू कर दी। तीन कांवड़ियों को घेर लिया और उनकी जमकर पिटाई की। इसी पर बवाल हुआ। पुलिस के मुताबिक, कांवड़ियों के जत्थे के दौरान डीजे ले जाने वाला युवक भी मुस्लिम था।

इस बात की जानकारी उसे जैसे ही हुई। उसने मस्जिद के पास ही डीजे संचालक को रोक लिया। कांवड़ यात्रा में डीजे बजाने का विरोध किया। युवक ने आगे जाने की बात कही। इस पर सबसे पहले वह डीजे संचालक से ही भिड़ा। हिंदू संप्रदाय की पैरवी का आरोप लगाया। इसी के बाद बवाल खड़ा कर दिया।

पारंपरिक रास्ता न होने का हवाला देकर भी टोका

गांव के लोगों ने बताया कि आरोपित जुवैश का कहना था कि कांवड़ियों के जत्थे का यह पारंपरिक रास्ता नहीं है। यह कहकर उसने संबंधित रास्ते से कांवड़ियों के गुजरने का भी विरोध किया। इधर, लखौना प्रधान का कहना है शुरू से ही इसी रास्ते से जत्था गुजरता है लेकिन आरोपितों ने बवाल करने के इरादे से पूरी घटना को अंजाम दिया।

मुस्लिम बाहुल्य आबादी वाला गांव है परगवां

परगवां मुस्लिम बाहुल्य आबादी वाला गांव है। ऐसे में गांव के अन्य संप्रदाय के लोगों में डर का माहौल है। दो संप्रदायों के बीच का विवाद होने के चलते पुलिस की टीम गांव में तैनात है जिससे किसी भी अनहोनी की स्थिति में उससे तत्काल निपटा जा सके।

इश्तियाक करता रहा गुमराह, बोला-जुमे की नमाज से शुरू हुआ बवाल

हिरासत में लिया गया ग्राम प्रधान शकीना का ससुर इश्तियाक कैंट पुलिस को गुमराह करता रहा। पूछताछ में उसने बताया कि बवाल जुमे की नमाज के समय से शुरू हुआ। जुमे की नमाज के दौरान जत्था आया। इस पर डीजे बंद करने की बात कही थी लेकिन डीजे बंद नहीं हुआ।

जबकि थाना पुलिस को करीब पांच बजे घटना की सूचना मिली। शाम चार बजे लखौरा गांव से जत्था ही रवाना हुआ था। पांच बजे वह परगवां में पहुंचा। ऐसे में आरोपित अपनी ही बुनी कहानी में फंस गया। इधर, शकीना ने मामले में कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया।

फरार आरोपितों की तलाश में दी जा रही दबिश

मामले में पुलिस ने प्रधान शकीना, उसके देवर जुवैश, ससुर इश्तियाक, ननद शीवा व दो अन्य ननद के साथ 30-35 अज्ञात पर मुकदमा लिखा। मुख्य आरोपित जुवैश फरार है। लिहाजा, उसकी तलाश में देररात तक पुलिस दबिश देती रही। जुवैश व घटना में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश में पुलिस की तीन टीमें दबिश दे रही हैं।

मामले में लखौना के प्रधान की तहरीर पर परगवां प्रधान, उसके देवर, ससुर व अन्य पर मुकदमा लिख लिया गया है। कई हिरासत में हैं। मुख्य आरोपित जुवैश व अन्य की तलाश के लिए टीमें लगीं हैं।- रविंद्र कुमार, एसपी सिटी