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बाबा महाकाल के भक्तों के लिए खुशखबरी! बरेली-इंदौर महाकाल एक्सप्रेस में हुआ बड़ा बदलाव, अब 'हवाई जहाज' जैसा होगा सफर!

Published: Tue, 17 Feb 2026 07:30 AM (IST)

बरेली जंक्शन से इंदौर जाने वाली महाकाल एक्सप्रेस अब बुधवार से नई एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) रैक संरचना के साथ ...और पढ़ें

प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

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HighLights

  1. जंक्शन से चलने वाली महाकाल एक्सप्रेस कल से एलएचबी रैक से होगी संचालित

जागरण संवाददाता, बरेली। बरेली से मुंबई के बाद अब महाकाल (उज्जैन) और इंदौर तक का सफर भी आरामदायक और सुरक्षित होगा। बरेली जंक्शन से इंदौर तक चलने वाली साप्ताहिक 14320 महाकाल एक्सप्रेस बुधवार से नई एलएचबी (लिंक हाेफमन बुश) रैक संरचना से चलेगी। रेलवे की ओर से इसकी तैयारी कर ली गई है। अब जंक्शन से चलने वाली तीन ट्रेनों में एलएचबी रैक लग जाएगी।

जंक्शन से बनकर चलने वाली 11 ट्रेनों में सबसे पहले आला हजरत एक्सप्रेस को आइसीएफ (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री) से एलएचबी कोच संरचना में बदलकर चलाना शुरू किया गया। इसके बाद शनिवार से बरेली-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस भी एलएचबी कोच संरचना से चलना शुरू हुई।

बरेली से लोकमान्य तिलक टर्मिनल तक जो रैक जाती है, वही वापस आने के बाद 14320 बरेली से इंदौर जाने वाली महाकाल एक्सप्रेस में लगती है। ऐसे में अब महाकाल एक्सप्रेस भी बुधवार से एलएचबी रैक से चलाई जाएगी। ट्रेन प्रत्येक बुधवार को बरेली जंक्शन से सुबह 11:25 बजे चलकर आंवला, चंदौसी, बहजोई, बबराला, अलीगढ़, आगरा फोर्ट, आगरा कैंट, ग्वालियर, झांसी, विदिशा, उज्जैन होते हुए इंदौर में दूसरे दिन सुबह 8:55 बजे पहुंचती है।

इंदौर से 14319 शाम को 4:45 बजे चलती है और बरेली जंक्शन पर दूसरे दिन 3:20 बजे पहुंचती है। इस ट्रेन के चलने से बरेली से उज्जैन, इंदौर, आगरा, ग्वालियर, झांसी समेत अन्य प्रमुख शहरों में जाने वाले यात्रियों की यात्रा आरामदायक और सुरक्षित हो जाएगी। अभी ट्रेन में 23 कोच लगते थे लेकिन अब आइएसएफ के 17 कोच लगेंगे।

बरेली जंक्शन स्टेशन अधीक्षक भानु प्रताप सिंह ने बताया कि महाकाल एक्सप्रेस बुधवार से नई रैक संरचना आइएसएफ कोच से चलेगी। आइसीएफ कोचों की तुलना में एलएचबी कोच आरामदायक के साथ सुरक्षित होते हैं। यह एंटी क्लाइंबिंग फीचर के कारण सुरक्षित होते हैं। किसी भी हादसे में ये कोच एक-दूसरे पर नहीं चढ़ते हैं। इन कोच में यात्रियों की क्षमता अधिक रहती है।


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