बरेली, जागरण संवाददाता: स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार का प्रमाण बुधवार को सबके सामने आ गया। झोलाछाप सेंटरों पर छापेमारी के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। टीम एक-एक बार में झोलाछापों से लाखों रुपये की वसूली करती है। नहीं देने पर संचालक पर प्राथमिकी और सेंटर को सील करने की धमकी भी दी जाती है। हाल में फरीदपुर के पचौमी गांव में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया। छापेमारी के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम पर संचालक और गांव वालों ने जमकर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हर बार आते हैं और लाखों रुपये लेकर चले जाते हैं।

आरोप लगाया जा रहा है कि जब पैसे लेते हो तो बार-बार छापेमारी के लिए क्यों आते हो? जब मामले ने तूल पकड़ा तो उसे अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर होने की सूचना बताकर मामले को दबाने की कोशिश की गई। मगर प्रसारित हुए वीडियो ने वसूली के पूरे प्रकरण की पोल खोलकर रख दी।

यह है पूरा मामला

फरीदपुर के पचौमी गांव में रिजवान का क्लीनिक है। रविवार को एसीएमओ डॉ. हरपाल सिंह, फरीदपुर सीएचसी के एमओआईसी डाॅ. अनुराग गौतम, चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. विवेक उनका क्लीनिक सील करने के लिए पहुंचे थे, जिसको लेकर वहां पर हंगामा हो गया। झोलाछाप का आरोप था कि हर बार तुम लाखों रूपये लेकर जाते हो तो बार-बार सील करने के लिए क्यों आते हो? 

मोटी-मोटी गड्डी के बाद हर आठवें दिन छापा, ड्रामा है क्या ये

वीडियो के मुताबिक, झोलाछाप टीम पर भड़क रहा है। उसका आरोप है कि हर बार आते हैं और सील करने के नाम पर मोटी-मोटी गड्डियां लेकर जाते हैं। जितना भी हम कमाते हैं उससे ज्यादा तो तुम्हें दे देते हैं। हर आठवें दिन छापेमारी करते हो। यह क्या ड्रामा हो रहा है? 

झोलाछाप ने आरोप लगाया कि पिछली बार जब डाॅ. विवेक और डाॅ. अनुराग आए थे तो एक लाख लेकर गए थे। जब उसकी इस बात को डाॅ. विवेक ने काटने का प्रयास किया तो झोलाछाप बोला कि खा जाओ कसम नहीं लेकर गए थे। झोलाछाप अपशब्दों का प्रयोग करते हुए बोला- रोज-रोज मुंह उठाकर चल देते हैं। हर दिन का ड्रामा बना लिया है इन्होंने। सरकार से भी मोटी रकम लेते हैं और हमारा भी खून चूसते हैं।

पिछली बार डा. विवेक ने पैसे लेकर खुलवाई थी सील

झोलाछाप का आरोप था कि पिछली बार भी फरीदपुर सीएचसी के एमओआइसी और चिकित्सा अधीक्षक डा. विवेक ने क्लीनिक को सील किया था। मगर बाद में पैसे लेकर उसे खोल दिया। इस बात को ज्यादा दिन नहीं बीते कि तब तक फिर से चले आए।

ये रिकार्डिंग तुम्हें ही उल्टी पड़ेगी

इस हंगामे और वसूली के आरोपों की इंटरनेट मीडिया पर चार वीडियो प्रसारित हुई हैं। वीडियो के मुताबिक, हंगामे के बाद जब डा. अनुराग और डा. विवेक एक व्यक्ति को साइड में ले जाकर बात करने की कोशिश करते हैं तो एक व्यक्ति वहां भी वीडियो बनाते हुए पहुंच जाता है। इस पर डा. अनुराग उससे कहते हैं कि वीडियो क्यों बना रहे हो। हम बात कर रहे हैं। 

वीडियो बनाने वाला कहता है कि इसमें आपको दिक्कत क्या है जो भी बात होगी। आज सबके सामने होगी। गुस्साते हुए डा. विवेक कहते हैं कि यह वीडियो तुम्हें ही उल्टी पड़ेगी। इस पर वीडियो बनाने वाला कहता है कि इससे ज्यादा क्या उल्टा होगा। तुम सब हमें लूटते रहते हो।

अधिकारी आते हैं तो क्या हम रोक लें

एक वीडियो में जब झोलाछाप यह कहता है कि जब पैसे लेते हो तो बार-बार क्यों आते हो? इस पर डा. विवेक यह कहते हुए स्पष्ट सुनाई दे रहे हैं तो क्या अधिकारियों को भी रोक लें। उनकी इस बात से यह स्पष्ट हो रहा है कि वह पहले भी वहां पर कई बार जा चुके हैं। इसकी वजह से झोलाछाप उन पर यह आरोप लगा रहा है।

बयान में भी झोल, बता ही नहीं पाए कि वहां क्यों गए?

अधिकारियों के बयान में भी झोल स्पष्ट दिखाई दे रहा है। डा. हरपाल सिंह कहना हैं कि वह वहां पर नहीं गए थे। उन्होंने फरीदपुर के एमओआइसी और चिकित्सा अधिकारी को लेकर फतेहगंज पूर्वी में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर की छापेमारी के लिए जा रहे थे। रास्ते में पचौमी गांव पड़ा तो डाॅ. अनुराग और डाॅ. विवेक ने कहा था कि यहां पर भी एक झोलाछाप की शिकायत है। पहले उसे देख लेते हैं। बाद में वहां चलेंगे। 

उधर, डा. विवेक और डा. अनुराग का कहना है कि डा. हरपाल को सूचना मिली थी कि पचौमी गांव में झोलाछाप क्लीनिक के साथ ही अल्ट्रासाउंड मशीन भी चला रहा है। उसी को देखने के लिए वह उन्हें लेकर वहां गए थे। कोई भी अधिकारी यह स्पष्ट नहीं बता पा रहा कि उन्हें कौन लेकर गया और किसके कहने पर गए थे। सभी के बयानों में भी झोल है।

सीएमओ बोले- स्वास्थ्य विभाग के दिन चल रहे खराब

सीएमओ भी इस मामले पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। पूछने पर उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के दिन खराब चल रहे हैं। मगर उन्होंने पिछले कितने मामलों में कार्रवाई की इस पर कोई भी स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इस मामले में वह क्या कार्रवाई करने की तैयारी में उस पर भी गोलमोल जवाब ही दे रहे थे। इससे स्पष्ट है कि अधिकारियों के इतने मामले सामने आने के बाद भी उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है।

Edited By: Shivam Yadav

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