'लिपटकर तिरंगे में जां सो रही थी...': बरेली में गूंजी ओजस्वी पंक्तियां, शहीदों की याद में भावुक हो गया पूरा सभागार
बरेली के जीआईसी ऑडिटोरियम में स्वतंत्रता दिवस पर 'एक शाम शहीदों के नाम' कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। कवियों ने अपनी ...और पढ़ें

बरेली में स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित कवि सम्मेलन में कविता पाठ करतीं डाॅ. शुभम त्यागी। सौजन्य सूचना विभाग
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जीआईसी ऑडिटोरियम में बलिदानियों की याद में कवि सम्मेलन का आयोजन
जागरण संवाददाता, बरेली। ‘लिपटकर तिरंगे में जां सो रही थी, उधर भारती मां बहुत रो रही थी...’ अमित शुक्ला की इन पंक्तियों ने जीआईसी ऑडिटोरियम में बैठे हर श्रोता को भावुक कर दिया। हर घर तिरंगा अभियान के तहत स्वतंत्रता दिवस की शाम आयोजित ‘एक शाम शहीदों के नाम’ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवियों ने ओज, वीर रस और भावनाओं से शहीदों के बलिदान को नमन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ डाॅ. शुभम त्यागी ने सरस्वती वंदना से किया। इसके बाद देशभर से आए कवियों ने अपनी रचनाओं के से स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी। असद मेहताब ने ‘ये संतों की जमीं है, जहां हिंदुस्तान बसता है, कहीं पर राम बसता है, कहीं रहमान बसता है’ सुनाकर देश की सांझी संस्कृति और एकता का संदेश दिया। मनवीर मधुर की ओजपूर्ण पंक्तियों ने श्रोताओं में जोश भरा।
उपेंद्र पांडे ने सरहद पर प्राण न्योछावर करने वाले सैनिकों के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि तिरंगे में लिपटकर अंतिम विदाई से बड़ा सम्मान कोई नहीं। मुकेश कमल और सुदीप भोला ने भी वीर सैनिकों के त्याग को अपनी कविताओं में स्थान दिया। कवि सम्मेलन में राष्ट्रप्रेम, देश की एकता-अखंडता और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाओं का प्रभावशाली काव्य पाठ हुआ।
अमित शुक्ला, रोहित राकेश समेत अन्य कवियों की प्रस्तुतियों ने स्वतंत्रता दिवस की शाम को भावनाओं और देशभक्ति से भर दिया। संचालन मनवीर मधुर और रोहित राकेश ने किया।
इस अवसर पर सांसद छत्रपाल गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, एमएलसी बहोरन लाल मौर्य, विधायक डीसी वर्मा व डा. राघवेंद्र शर्मा, एडीजी रमित शर्मा, जिलाधिकारी अविनाश सिंह, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, एडीएम (एफआर) संतोष कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और शहरवासी मौजूद रहे।
