बरेली, जेएनएन। Bareilly Electric Buses : चार जनवरी को मुख्यमंत्री द्वारा इलेक्ट्रिक बसों का आनलाइन लोकार्पण करने के बाद उनका संचालन नहीं हुआ। जिसके बाद काफी फजीहत होने लगी। आनन-फानन में निजी कंपनी पीएमआइ ने ई-बसों की चार्जिंग के लिए जुगाड़ का सहारा लिया है। बुधवार को एक चार्जिंग प्वाइंट को अस्थायी लगाकर उसमें सभी छह बसों को चार्ज किया गया है। जिसके बाद उन्हें सड़कों पर उतारा गया। दो रूट पर बुधवार को बस उतारी गई। हालांकि इस दौरान यात्रियों की संख्या कम रही।

बरेली सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आरके त्रिपाठी ने इलेक्ट्रिक बसों का संचालन अब नियमित करने का दावा किया है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में निजी कंपनियों की सुस्ती के चलते काफी कार्य प्रभावित हो रहा है। शासन ने तय समय के मुताबिक ई-बसें शहर में भेज दीं लेकिन यहां उनके संचालन को लेकर कंपनी व्यवस्थाएं ही पूरी नहीं कर सकी। सीएनडीएस कंपनी ने चार्जिंग डिपो का निर्माण समय से पूरा कर दिया लेकिन पीएमआइ अब तक चार्जिंग की समुचित व्यवस्था के लिए चार्जिंग प्वाइंट स्थापित नहीं कर पाई है। डिपो पर विद्युतीकरण तो हो गया है लेकिन चार्जिंग प्वाइंट स्थापित करने के लिए काफी काम बाकी है।

इन प्वाइंट्स के लिए कंपनी ने गड्ढे खोदे हैं, इनमें विद्युत लाइन डाले जाने के बाद प्वाइंट्स स्थापित होंगे। इस कार्य में तकरीबन 15 दिन का समय लगेगा। बीसीटीएसएल के सीईओ आरके त्रिपाठी ने बताया कि निगम के समन्वय से बसों का संचालन शहर में शुरू हो गया है। फिलहाल एक ही चार्जिंग प्वाइंट से बसें चार्ज की जा रही हैं। कंपनी को जल्द से जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि कुल पांच चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए जाने हैं। सुबह सात बजे से रात्रि 10 बजे तक बसों का संचालन किया जाना है। इसकी मानिटरिंग के लिए सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक चीनी प्रसाद को लगाया गया है।

दो रूटों पर चलाई गई सभी छह बसें

नगर आयुक्त अभिषेक आनंद के निर्देश पर बुधवार को सभी छह इलेक्ट्रिक बसों में तीन-तीन बसों को दो रूट में चलाया गया। बुधवार सुबह पहला रूट झुमका तिराहा से मिनी बाईपास, बरेली सिटी स्टेशन, चौपला चौराहा होकर बरेली जंक्शन के लिए बस चलाई गई। जबकि दूसरे रूट मिनी बाईपास से इज्जतनगर होते हुए सौ फुटा रोड होते हुए रुविवि, बीसलपुर होते हुए सेटेलाइट होते हुए चौकी चौराहा से बरेली सिटी होकर मिनी बाईपास तक चली।

Edited By: Ravi Mishra