जागरण संवाददाता, बरेली: नौ महीने के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार हमारा बरेली जिला कोरोना संक्रमण मुक्त हो गया। जिले में पिछले डेढ़ साल में 15.28 लाख जांच हुई हैं। इनमें कुल 44,028 पाजिटिव केस सामने आए। यानी करीब 2.88 फीसद लोग जांच के मुकाबले पाजिटिव मिले। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग का ध्यान अब दो बातों पर लगा है। पहला, अधिकतम लोगों को कोरोनारोधी वैक्सीन लगवाकर संक्रमण के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में लगा है। जिससे ये वैश्विक महामारी फिर से सिर न उठा सके। दूसरा, डेंगू वायरस के रूप में बढ़ रही समस्या पर काबू पाना।

7,286 हुए भर्ती, 36 हजार से ज्यादा होम आइसोलेट

कोरोना काल में पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक साबित हुई थी। डेढ़ साल में 7,286 लोग अलग-अलग कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए बनाए गए सरकारी अस्पताल, मेडिकल कालेजों या निजी अस्पतालों में उपचार के लिए कोविड वार्ड में भर्ती हुए। वहीं 36,314 से ज्यादा लोग होम आइसोलेट हुए।

377 मौतें सरकारी रिकार्ड में दर्ज

जिले में दूसरी लहर के दौरान आक्सीजन की कमी जमकर सामने आई थी। कई लोगों ने अस्पताल के अंदर और बाहर आक्सीजन की कमी की वजह से दम तोड़ा। इसी दौरान ही सबसे ज्यादा मौत भी हुई थीं। स्वास्थ्य विभाग के सरकारी रिकार्ड में 377 मौत दर्ज हुईं। हालांकि असल तादाद इससे ज्यादा मानी जा रही है।

1,428 कंटेनमेंट जोन बनाए गए

कोरोना काल के दौरान जैसे-जैसे घरों में संक्रमित मिलने लगे। वैसे-वैसे कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़ती गई। शुरुआत में तीन किलोमीटर का एरिया कंटेनमेंट जोन में था। लेकिन धीरे-धीरे इसे कम करना पड़ा। ग्रामीण इलाके में 886 और शहरी क्षेत्र में 542 कंटेनमेंट जोन बने। इस तरह जिले में कुल 1,428 जोन बनाए गए।

जिले में सबसे ज्यादा संक्रमित रहे पांच इलाके

बरेली शहर : 22,884

फरीदपुर : 1,599

मीरगंज : 1,424

बिथरी चैनपुर : 1,036

नवाबगंज : 886 आयुवर्ग के हिसाब से संक्रमित :

0-10 साल : 1,095

11-20 साल : 3,468

21-40 साल : 20,009

41-60 साल : 14,037

60 प्लस : 5,329

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वर्जन..

जिले को कोरोना संक्रमण मुक्त कराने में टीकाकरण काफी उपयोगी साबित रहा है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जागरूकता अभियान जारी रहेगा।

- डा.बलवीर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बरेली

Edited By: Jagran