बरेली, जेएनएन। Epidemolists Paper Investigation : भोजीपुरा के खंजनपुर निवासी एक बच्चे की डेंगू से मौत मामले में स्वास्थ्य विभाग का कई दिनों तक बेखबर रहने की वजह इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आइडीएसपी) की यूनिट थी। अब डेंगू केस की ‘कागजी पड़ताल’ कर सर्विलांस में लापरवाही के मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने एपिडेमोलाजिस्ट को पत्र भेजकर जवाब मांगा है। जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। मामले में रिपोर्ट की एक कापी जिलाधिकारी के पास भी पहुंचेगी। इसके अलावा डेंगू पीड़ित की मौत की सूचना स्वास्थ्य विभाग को खुद न देने के मामले में एसआरएमएस मेडिकल कालेज से भी जवाब लिया जा रहा है।

मौत के छह दिन बाद तक नहीं डेथ आडिट रिपोर्ट: शहर के भोजीपुरा के गांव खंजनपुर निवासी हसरत खां का बेटा राशिद 14 सितंबर को एसआरएमएस मेडिकल कालेज में बुखार का इलाज कराने के लिए भर्ती हुआ था। डेंगू के लक्षण होने पर उसकी एलाइजा जांच के लिए सैंपल लिए, 16 सितंबर को इलाज के दौरान ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। उधर 17 को रिपोर्ट पाजिटिव आई थी। तब से छह दिन बीतने के बावजूद बच्चे की डेथ आडिट रिपोर्ट अभी तक स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों के पास नहीं है। जिला सर्विलांस अधिकारी डा.आरएन गिरी ने बताया कि एपिडेमोलाजिस्ट डा.मीसम अब्बास से शुक्रवार को ही रिपोर्ट ली जाएगी।

एपिडेमोलाजिस्ट ने चार दिन तक नहीं जाना हाल : दरअसल, डेंगू के कन्फर्म केस मिलने के बाद स्वजन व आसपास के 50 घरों में सर्विलांस की जिम्मेदारी एपिडेमोलाजिस्ट की होती है। इसके अलावा अन्य निरोधात्मक कार्रवाई की जाती है। राशिद के मामले में 17 सितंबर को रिपोर्ट पाजिटिव आ गई थी। लेकिन आइडीएसपी की टीम एपिडेमोलाजिस्ट डा.मीसम अब्बास 21 सितंबर तक संबंधित परिवार से न मिले और न ही आसपास सैंपल लिए। क्योंकि अगर वह मौके पर गए होते तो बच्चे की मौत होने की खबर उन्हें पता होती। लेकिन ऐसा हुआ नहीं और केवल कागजों पर टीम सर्विलांस करती रही।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बलवीर सिंह ने बताया कि प्रकरण में एपिडेमोलाजिस्ट की लापरवाही सामने आ रही है। मामले में नियमानुसार स्पष्टीकरण मांगा है, जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

Edited By: Samanvay Pandey