निलंबित किए गए सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री, कमिश्नर को सौंपी गई जांच, शामली भेजे गए
नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद बरेली के मेयर उमेश गौतम उनसे मिलने पहुंचे। मेयर ने यूजीसी कानून ...और पढ़ें

नगर मजिस्ट्रेट अलंंकृत अग्निहोत्री
HighLights
महापौर बोले, यूजीसी की गाइड लाइन में कुछ कमियां, सरकार से बात कर कराया जाएगा निदान
जागरण संवाददाता, बरेली। बरेली के डीएम अविनाश सिंंह की ओर से शासन को लिखे गए पत्र का संज्ञान लिया गया। सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को प्रथमदृष्टया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही की संस्तुति की गई है। पूरे प्रकरण की जांच के बरेली के कमिश्नर को सौंप दी गई है। निलंबन की अवधि के दौरान उनको शामली डीएम कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
DM आवास में बंधक बनाने का लगाया आरोप
सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को डीएम ने अपने आवास पर बुलाया था। डीएम के आवास से निकलने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने आरोप लगाया कि डीएम आवास पर उन्हें 45 मिनट तक बंधक बनाया गया। मीडिया से बोले, की मोबाइल पर शासन से किसी की काल आई थी, उन्हें बैठकर रखने की बात कही। अब उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर करते हुए दो घंटे में सरकारी आवास खाली करने की बात कही है। उनके आवास पर तमाम अधिवक्ता भी पहुंचे हैं।
महापौर बोले- सिटी मजिस्ट्रेट से वार्ता जारी, कमियों को करायेंगे दूर
इससे पहले गणतंत्र दिवस के अवसर पर बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने यूजीसी कानून के विरोध में इस्तीफा देते हुए प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारे में भूचाल ला दिया। सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे की खबर मिलते ही बरेली के महापौर डा. उमेश गौतम भी उनके आवास पहुंचे और प्रकरण को लेकर इस्तीफे पर पुनर्विचार की अपील की। महापौर के कहने के बाद भी सिटी मजिस्ट्रेट के रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ।
इसके बाद जिला और मंडल प्रशासन के अधिकारियों का समूह भी उन्हें मनाने पहुंचा, लेकिन सभी असफल रहे। महापौर डा. उमेश गौतम ने बताया की सिटी मजिस्ट्रेट ने यूजीसी को लेकर अपनी चिंता जताई है जिसके लिए सरकार में शीर्ष स्तर पर बात पहुंचाई जाएगी। कहा की अगर यूजीसी में कोई कमियां हैं तो दूर होंगी इसके लिए हर स्तर पर पत्राचार की जाएगी।
अलंकार अग्निहोत्री ने प्रयागराज डीएम पर उठाए सवाल
नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने प्रयागराज के जिलाधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि जिस शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के प्रधानमंत्री चरण स्पर्श करते हैं, उनको समझा रहे हैं कि परंपरा नहीं है। वह उन संत के साथ रोटियां सेक रहे हैं, जिनके पास बड़ी बड़ी गाड़ियां हैं। उन्होंने ब्राह्मण नेताओं पर भी तीखा हमला किया है। कहा कि उन्हें विभिन्न संगठनों और विभिन्न प्रदेशों के ब्राह्मण नेताओं का समर्थन मिल रहा है। लोग यहां आ रहे हैं, सर्वसम्मति से निर्णय लेंगे।
सवर्ण समाज के कपड़े उतर गए : अनिल मुनि
अखंड भारत गौरव ट्रस्ट के संस्थापक अनिल मुनि के नेतृत्व में ट्रस्ट के सदस्य, करनी सेना, अखिल भारत हिंदू महासभा समेत विभिन्न संगठनों के लोग शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य बटुकों के साथ अपमान और यूजीसी बिल के विरोध में इस्तीफा देने वाले नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के आवास पर पहुंचे।
अर्धनग्न अवस्था में अनिल मुनि ने कहा कि आज स्वर्ण समाज के कपड़े उतर गए हैं। यूजीसी बिल पर सवाल उठाते हुए कहा कि संसद में कोई कानून पास होता है तो हंगामा मच जाता है, लेकिन इस बिल पर किसी ने कुछ नहीं बोला। उन्होंने कहा कि सांसद और विधायक अपना इलाज कराने विदेश चले जाते हैं।
हमारा इलाज यहां होता है। यहां के लोगों की उन्हें कोई चिंता नहीं रहती। उन्होंने कहा कि सर्वण समाज के बेटों के अच्छे नंबर आने के बाद भी नौकरी के लिए तरसना पड़ रहा है। यूजीसी बिल को लेकर उन्होंने गंभीर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने कहा कि इस बिल पर हस्ताक्षर करने वाले सांसदों ने भी इसको लेकर सवाल क्यों नहीं उठाए।
उन्होंने कहा कि एक छोटे से कानून को लेकर सदन में गंभीर विचार-विमर्श किया जाता है, लेकिन इस काले कानून को लेकर कोई भी विपक्षी दल बोलने के लिए तैयार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अपने वोट बैंक के जाने के डर से किसी ने भी इस बिल का विरोध नहीं किया।
