बरेली में जमीन खरीदना होगा महंगा: सर्किल रेट में 25% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव, 25 अगस्त से लागू होंगी नई दरें
बरेली में जमीनों के सर्किल रेट में 25% तक की बढ़ोतरी प्रस्तावित है, जो 25 अगस्त से लागू होगी। विभिन्न ...और पढ़ें

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लोगों से मांगे जाएंगे सुझाव और आपत्तियां, 25 अगस्त से होंगे नए सर्किल रेट जारी
जागरण संवाददाता, बरेली। जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित मूल्यांकन दर सूची के पुनरीक्षण में जमीनों के सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी है। विभिन्न क्षेत्रों में कृषि, अकृषक, वाणिज्यिक भूमि और भवनों की दरों में 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है। 25 अगस्त के बाद नए सर्किल रेट जारी हो जाएंगे।
प्रस्ताव के अनुसार सदर प्रथम और सदर द्वितीय क्षेत्रों में कई श्रेणियों की जमीनों की दरों में 12 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी प्रस्तावित है। सदर प्रथम क्षेत्र में अकृषक भूमि के मूल दर में 20 प्रतिशत, कृषि भूमि में 12 प्रतिशत और वाणिज्यिक एकल भूमि में औसतन 10 प्रतिशत वृद्धि प्रस्तावित की गई है।
वहीं एकल से अलग वाणिज्यिक भवनों के कारपेट रेट में औसतन पांच प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। निर्माण दर में भी शून्य से 10 प्रतिशत तक वृद्धि प्रस्तावित है। बहेड़ी तहसील क्षेत्र में पांच से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है।
यहां कृषि एवं अकृषक भूमि की दरों में पांच से 15 प्रतिशत, वाणिज्यिक एकल भूमि में औसतन 10 प्रतिशत तथा सड़क से लगी अकृषक/वाणिज्यिक भूमि में पांच से 15 प्रतिशत तक वृद्धि प्रस्तावित है। चार प्रमुख सड़क सेगमेंटों को भी चिह्नित किया गया है। आंवला क्षेत्र में भी करीब 10 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव है।
औद्योगिक कारिडोर से जुड़े 10 गांवों में कृषि भूमि की दरों में 10 प्रतिशत, जबकि अन्य नौ गांवों में करीब 25 प्रतिशत तक वृद्धि प्रस्तावित की गई है। भोजीपुरा की कृषि दरों में पांच प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव है। नवाबगंज में जमीन के दाम पांच से 20 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं।
अकृषक और कृषि भूमि की दरों में पांच से 20 प्रतिशत, वाणिज्यिक एकल भूमि में औसतन 10 प्रतिशत और मुहल्लों की अकृषक भूमि में 10 से 20 प्रतिशत वृद्धि प्रस्तावित है। नवाबगंज क्षेत्र के कुछ गांवों में बढ़ती आवासीय एवं व्यावसायिक गतिविधियों को देखते हुए उन्हें विकासशील गांव की श्रेणी में शामिल करने का प्रस्ताव भी है।
इनमें औरंगाबाद, ज्योरामकरनपुर, धौरेरा, बीजामऊ, बघुआ और लाडपुर उस्मानपुर आदि शामिल हैं। मीरगंज में अकृषक और वाणिज्यिक दरों में करीब 10 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि प्रस्तावित है। फरीदपुर में अकृषक और कृषि भूमि की दरों में पांच से 20 प्रतिशत तथा वाणिज्यिक एकल भूमि में 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है।
फरीदपुर के कुछ गांवों को बढ़ती आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण विकासशील गांव की श्रेणी में जोड़े जाने का प्रस्ताव है। मूल्यांकन दर सूची में नगरीय, अर्द्धनगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों के अनुसार सेगमेंटवार वर्गीकरण भी प्रस्तावित किया गया है।
फरीदपुर में 54 और नवाबगंज में 55 सेगमेंट चिह्नित किए हैं। प्रस्तावित बदलाव लागू होने के बाद जमीन की खरीद-फरोख्त के साथ-साथ उससे जुड़े स्टांप शुल्क पर भी असर पड़ने की संभावना है।
सर्किल रेट की संशोधित सूची के प्रस्ताव का प्रकाशन कर दिया गया है। 17 अगस्त तक आपत्तियां एवं सुझाव प्रस्तुत करने का समय रखा गया है। 20 अगस्त को सुझाव एवं विचार विमर्श के साथ ही आपत्तियों के निस्तारण का समय है। जिलाधिकारी के हस्ताक्षर के बाद संशोधित दरों की सूची 25 अगस्त को लागू कर दी जाएगी।
- पूनम सिंह, एआइजी स्टांप
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