नाथ नगरी बरेली में बदलेंगे एंट्री पॉइंट्स: नैनीताल और पीलीभीत रोड पर बनेंगे भव्य 'सोमनाथ' और 'विश्वनाथ' द्वार
बरेली में नैनीताल और पीलीभीत बाइपास रोड पर नाथ कॉरिडोर थीम पर दो नए भव्य प्रवेश द्वार 'सोमनाथ' और 'विश्वनाथ' ...और पढ़ें

पीलीभीत रोड पर प्रस्तावित विश्वनाथ द्वार का डिजाइन। सौ. बीडीए
HighLights
बदायूं, शाहजहांपुर-रामपुर रोड के बाद अब नाथ कारिडोर थीम पर बनेंगे दो नए भव्य प्रवेश द्वार
शिव प्रतिमा, त्रिशूल, पत्थर का स्थापत्य एवं फसाड लाइटिंग होंगे प्रमुख आकर्षण, बढ़ेगा पर्यटन
जागरण संवाददाता, बरेली। शहर में दूसरे जिले व शहर से प्रवेश करने वाले लोगों-आगंतुकों नाथ नगरी की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान से सीधे अवगत हो सकें इसके लिए विकास प्राधिकरण ने अब नैनीताल और पीलीभीत बाइपास रोड पर भी नाथ कारिडोर थीम पर भव्य प्रवेश द्वार बनाने का निर्णय लिया है। दोनों प्रवेश द्वार के नाम भगवान शिव के नाम पर समर्पित किया जाएगा।
पीलीभीत रोड पर बनने वाले प्रवेश द्वार को भगवान विश्वनाथ और नैनीताल रोड पर बनने वाले द्वार को भगवान सोमनाथ के नाम पर समर्पित किया जाएगा। बीडीए अधिकारियों के अनुसार दोनों द्वार ज्योतिर्लिंग परंपरा और भगवान शिव की आध्यात्मिक विरासत से प्रेरित स्थापत्य के माध्यम से बरेली के प्रमुख प्रवेश मार्गों को एक विशिष्ट पहचान प्रदान करेंगे।

मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ ने शहर में धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नाथ कारिडाेर परियोजना की स्वीकृति दी है। परियोजना के तहत नाथ मंदिरों का कायाकल्प करने के साथ शहर के अलग-अलग हिस्सों में भगवान शिव को समर्पित फोकस वाल बनाए जा रहे।
इसी कड़ी में बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने बरेली की प्राचीन नाथ परंपरा, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को शहर के आधुनिक विकास एवं सुंदरीकरण के साथ जोड़ने की योजना बनाई है।
इसमें नैनीताल रोड पर भगवान शिव के प्रमुख ज्योतिर्लिंग में एक सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की आध्यात्मिक एवं स्थापत्य परंपरा से प्रेरित करता प्रवेश द्वार का निर्णय लिया गया है। जहां, वास्तुकला में भारतीय स्थापत्य परंपरा के साथ आधुनिक डिजाइन तत्वों का सुंदर समन्वय किया जाएगा।
पीलीभीत रोड पर विश्वनाथ द्वार काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग की सनातन आध्यात्मिक परंपरा की भव्य अभिव्यक्ति होगा। यह द्वार शहर में प्रवेश करने वाले लोगों-आगंतुकों के लिए बरेली की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान की झलक प्रस्तुत करेगा।
बीडीए उपाध्यक्ष साैम्या पांडेय के अनुसार, नाथ कारिडोर के तहत बरेली में पहले से ही विभिन्न प्रमुख मार्गों पर नाथ परंपरा से जुड़े भव्य प्रवेश द्वार विकसित किए जा चुके हैं, जिनमें रामपुर रोड पर महंत अवैद्यनाथ द्वार, बदायूं रोड पर तपेश्वरनाथ-मढ़ीनाथ व शाहजहांपुर रोड पर अलखनाथ द्वार-त्रिवटीनाथ द्वार एवं केदारनाथ द्वार प्रमुख हैं।

अब मंडलायुक्त शंभू कुमार के निर्देश पर विकसित होने वाला सोमनाथ द्वार एवं विश्वनाथ द्वार के निर्माण से इस स्थापत्य श्रृंखला को और विस्तार मिलेगा। दोनों प्रवेश द्वारों को भव्य पत्थर के स्थापत्य के साथ विकसित किया जाएगा।
भगवान शिव की भव्य प्रतिमा, त्रिशूल एवं अन्य पारंपरिक धार्मिक प्रतीक स्थापित किए जाएंगे। कहा कि, द्वारों को केवल प्रवेश संरचना तक सीमित रखना नहीं, बल्कि इन्हें शहर की सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक विरासत और आधुनिक शहरी विकास के प्रतीक के रूप में विकसित करना है।
मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप बीडीए नाथ कारिडोर की परिकल्पना को आगे बढ़ाते हुए शहर की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक शहरी विकास से जोड़ रहा है। सोमनाथ द्वार एवं विश्वनाथ द्वार इसी निरंतर प्रयास का हिस्सा हैं।
- सौम्या पांडेय, उपाध्यक्ष, बीडीए
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