बरेली में बड़ी कार्रवाई: आजम खां और तौकीर रजा के करीबी का 'यादगार-ए-आमद' बारातघर सील, अब चलेगा बुलडोजर?
बरेली में मौलाना तौकीर रजा और आजम खां के करीबी नसीम का अवैध बरातघर 'यादगार-ए-आमद' सील कर दिया गया है। ...और पढ़ें

पुराना शहर सैलानी के पास गुड मैरिज हाल को ध्वस्त करती बीडीए की टीम। फाइल फोटो
HighLights
25 वर्ष पहले बिना मानचित्र कराया गया था निर्माण, अब हुई कार्रवाई
पिछले वर्ष नसीम के भाई राशिद का अवैध मैरिज हाल हो चुका ध्वस्त
जागरण संवाददाता, बरेली। हिंसा के आरोपित मौलाना तौकीर रजा व रामपुर के सपा नेता आजम खां के करीबी नसीम का अवैध बरातघर यादगार-ए आमद सोमवार को सील कर दिया गया। 25 साल पहले घनी आबादी वाले सैलानी मुहल्ले में 600 वर्ग मीटर भूमि पर इसे अवैध रूप से बनाया गया था।
बिना नक्शा स्वीकृत कराए वह इस बरातघर से आय अर्जित करता रहा मगर, किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। बीते दिनों बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय के सामने उसकी फाइल आई, तब कार्रवाई हो सकी। माना जा रहा कि अवैध निर्माण पर जल्द ही प्राधिकरण का बुलडोजर गरज सकता है।
पिछले साल 26 सितंबर को इत्तेहाद ए मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा ने शहर में हिंसा कराई थी। उस समय पुलिस ने तौकीर समेत 100 से अधिक आरोपितों को जेल भेजा। इसके साथ ही तौकीर के मददगारों पर आर्थिक चोट भी की जाने लगी थी।

दो दिसंबर 2025 को बरेली विकास प्राधिकरण के तत्कालीन उपाध्यक्ष मनिकंडन ए. ने तौकीर के करीबी राशिद खान के अवैध गुड मैरिज हाल बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त करा दिया था। राशिद को तौकीर व आजम खां का करीबी बताया जाता था।
इसी तरह, सूफी टोला में सरफराज वली खां के एवान-ए-फरहत बारात घर, पीलीभीत बाइपास रोड स्थित आरिफ के अवैध शोरूम, नफीस के रजा पैलेस समेत 15 से अधिक अवैध निर्माण ध्वस्त कराए गए थे। अब प्रशासन ने एक बार फिर से तौकीर व आजम के करीबियों की कुंडली निकालते हुए कड़ी कार्रवाई तेज कर दी है।
इस बार प्राधिकरण के निशाने पर राशिद के बड़े भाई नसीम का यादगार-ए-आमद बरातघर आया। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि सपा शासनकाल में नसीम की आजम खां से घनिष्ठता हुई थी। बाद में तौकीर के साथ सक्रियता बढ़ गई।
प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने बताया कि यादगार-ए-आमद बरातघर मानचित्र स्वीकृत कराए बिना बनाया गया था। उसे अग्निशमन विभाग की ओर से अनापत्ति प्रमाणपत्र भी नहीं दिया गया था। नियमों का उल्लंघन का बरातघर संचालन कराया जा रहा था, इसलिए सील करा दिया गया।
दिसंबर में पहली बार सैलानी में गरजा था बीडीए का बुलडोजर
लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद बीडीए भी एक्शन मोड में है। बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय खुद अलग-अलग क्षेत्रों में निकल माल-शोरूम, कोचिंग-लाइब्रेरी की जांच कर नियमों को ताक पर रखने वाले ऐसें संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दे चुकी हैं।
अब सोमवार को यादगार-ए आमद मैरिज हाल को सील करने बाद सैलानी में बीडीए की दिसंबर में की गई अवैध निर्माण की ध्वस्तीकरण की गूंज फिर से उभरने लगी।
उधर, बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने अब तक अवैध निर्माण के विरुद्ध कठोर कार्रवाई क्यों नहीं की गई इसके पीछे लापरवाह लोगों की भी जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। शहर में आइ लव मोहम्मद के नाम पर प्रदर्शन कर तौकीर व उसके गुर्गाें ने पूरे शहर को तनाव में झोंक दिया था।

स्थिति यह हो गई थी कि कई दिन तक इंटरनेट तक बंद करना पड़ गया था। इसके बाद बीडीए ने पुराना शहर के सूफीटोला-सैलानी में दिसंबर में सरफराज वली खां के एवान-ए-फरहत बारात और उससे सटे राशिद खां के गुड मैरिज हाल को भी ध्वस्त कर दिया था।
दोनों अवैध बरातघरों के विरुद्ध 12 अक्टूबर 2011 को ध्वस्तीकरण आदेश पारित किये गए थे। सवाल उठता है कि दिसंबर में दोनों अवैध बरातघर को ध्वस्त करने के बाद बीडीए ने यादगार-ए आमद बरातघर को क्यों छोड़ दिया?
अब लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद बीडीए की नवागत उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने अग्निशमन विभाग के साथ सोमवार को टीम भेजकर नियमों को ताक पर रख संचालित हो रहे बरातघर को सील करा दिया। साथ ही अन्य अवैध निर्माण के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहने की बात कही।
