बदायूं, जागरण संवाददाता। Caste Discrimination in Badaun: जिले के थाना बिल्सी के गांव रिसौली में एक मुस्लिम नाई ने अनुसूचित जाति के लोगों के बाल काटने से इन्कार कर दिया। इसका वीडियो वायरल हो गया। इस पर अनुसूचित जाति के लाेगों ने आपत्ति जताई और पुलिस से शिकायत की।

पुलिस ने गांव पहुंच कर नाई से पूछताछ की तो उसने बताया कि यह लोग शराब पीकर आते थे, जिससे गांव के अन्य लोगों ने उससे कहा था कि इनके बाल मत काटा करो। पुलिस ने समझाया तो नाई ने कहाकि यह लोग शराब पीकर न आएं तो कोई दिक्कत नहीं है। इस पर सहमति बन गई ओर पुलिस ने समझौता करा दिया।

बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव रिसौली निवासी पंकज और सुखदेव ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर बताया था कि उनके गांव के मुस्लिम व अन्य नाई अनुसूचित जाति के लोगों के बाल नहीं काट रहे हैं। इस पर भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने विरोध किया। उन्होंने जब कारण पूछा तो नाई लोगों ने बताया कि सर्वण समाज के लोगों ने बाल काटने से मना किया है।

अनुसूचित जाति के कुछ लोग शराब पीकर आते हैं, ऐसे में अन्य लोगों को दिक्कत होती है। इसके चलते ही नाईयों ने उन लोगों से शराब पीकर न आने की बात कहते हुए बाल न काटने की बात कही थी। पुलिस ने इस पर गांव के नाई गोविंद, राजेश, हरकेश, राजेश, वासिद, इमदास हुसैन आदि को थाने बुलाया। उनकी बात सुनने के बाद तय हुआ कि अब कोई भी व्यक्ति शराब पीकर नाई की दुकान पर नहीं जाएगा। इसके साथ ही न कोई नाई किसी की जाति पूछेगा और न ही कोई ग्राहक दुकान पर जाकर अपनी जाति आदि बताएगा।

इसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया, पुलिस ने दोनों पक्षों के करीब बीस लोगों के हस्ताक्षर भी कराए। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक बिल्सी दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि शराब पीकर आने वाले लोगों से मना किया गया था। जिसे अनुसूचित जाति के लोगों के बाल काटने से मना करने की बात कहकर शिकायत की गई। दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया है।

Edited By: Vivek Bajpai