जागरण संवाददाता, बरेली : बैंक के बाहर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर साढ़े तीन लाख रुपये की लूट करने वाले गिरोह के एक बदमाश को न्यायालय ने 10 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। 2006 में हुई वारदात में गिरोह का एक बदमाश पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था, जबकि तीसरा बदमाश नेपाल भाग गया था।

वारदात तीन जून 2006 को कोहड़ापीर के पास पुराना पासपोर्ट कार्यालय परिसर में हुई थी। हथियार बंद तीन बदमाश परिसर स्थित पंजाब नेशनल बैंक में लूटपाट के लिए पहुंचे थे। बदमाशों ने बैंक के बाहर ही गार्ड को गोली मारकर बैंक के बाहर ही एक व्यक्ति का रुपयों से भरा थैला लूट लिया और भागने लगे। दहशत और शोर सुनकर पास के ही सरस्वती शिशु मंदिर में ड्यूटी कर रहे कांस्टेबल नारायण सिंह और एचसीपी परशुराम भार्गव दौड़े। पुलिसकर्मियों ने फायर कर उन्हें रोकने की कोशिश की तो बदमाशों ने पुलिस पर भी फायर झोंके। पुलिस कर्मियों ने बाइक से भाग रहे बदमाशों का पीछा किया। मॉडल टाउन के पास मुठभेड़ और जवाबी फाय¨रग में एक बदमाश शिवकुमार पांडे को गोली लगी, जिससे बाइक अनियंत्रित होने पर बदमाश गिर पड़े। पुलिस ने एक और बदमाश कौशांबी में नरेंद्रावाड़ा निवासी चंद्रजीत यादव को भी पीछाकर दबोच लिया। लेकिन, तीसरा बदमाश नेपाल के तौलियान जिला निवासी परवेज फरार हो गया। पुलिस ने शिवकुमार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन लाख 56 हजार 250 रुपये बरामद कर लिए। एक बदमाश की मौत और एक के फरार होने पर चंद्रजीत की फाइल पर फास्ट ट्रैक कोर्ट-प्रथम के न्यायाधीश एडीजे अजय सिंह ने फैसला सुनाया। 10 साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा भुगतनी होगी।

By Jagran