बरेली, जेएनएन। जिला जज रेणु अग्रवाल ने जजी में कार्यरत प्राइवेट कर्मियों पर सख्ती के आदेश दिए हैं। जिला जज ने सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अपने कार्यालय में सुनिश्चित करें कि कर्मचारियों के साथ कोई बाहरी व्यक्ति कार्य न करे। अन्यथा संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। साथ ही बाहरी व्यक्ति के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर उसे जेल भेजा जाएगा।

जिला जज ने नोडल अधिकारी सुरक्षा को कोर्ट परिसर में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने को कहा है। अब पहचान पत्र धारक ही कोर्ट परिसर में एंट्री कर सकेंगे। बताते चलें कर्मचारियों के साथ प्राइवेट व्यक्तियों के कार्यरत रहने की शिकायतें हाईकोर्ट तक पहुंचती रही हैं। हाईकोर्ट ने जनपद न्यायालय को इस संबंध में पत्र प्रेषित कर रिपोर्ट तलब की है। प्राइवेट कर्मियों पर मुकदमे की फाइलें गायब करने तक के आरोप लगते रहे हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि आए दिन युवा अधिवक्ताओं व प्राइवेट कर्मियों के बीच नोकझोंक आम बात हो गई थी। प्राइवेट कर्मी अनुचित लाभ के लिए न्यायिक कार्य में बाधा पहुंचाते हैं जिससे वकालत करना मुश्किल हो रहा था। जिला जज के आदेश से अधिवक्ताओं ने राहत की सांस ली है।

बाहरी व्‍यक्तियों का प्रवेश बर्दाश्‍त नहीं: बरेली बार एसोसिएशन के अध्‍यक्ष अरविंद कुमार श्रीवास्‍तव ने कहा कि कोर्ट परिसर स्थित कार्यालयों में कैमरे लगाने व फौजदारी व सिविल कर्मचारियों के पटल आपस में बदलने के संबंध में जिला जज से वार्ता हुई थी। उन्होंने पारदर्शी व भ्रष्टाचार मुक्त सिस्टम बनाने का जिला जज से अनुरोध किया था। कर्मचारियों के साथ बाहरी व्यक्तियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Edited By: Vivek Bajpai