जेएनएन, बरेली : इंटरनेट युग, जहां इंसान अधिकतर मामलों में मोबाइल एप और वेबसाइट के भरोसे है। लेकिन, यही भरोसा अगर ट्रेनों को लेकर भी कर रहे तो सावधान हो जाएं। खासकर जब मामला सरकारी मोबाइल एप का हो। हम बात कर रहे एनटीईएस यानी नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम एप की..। यह एप अधिकतर धोखा दे रहा। यह हम नहीं बल्कि खुद यात्री कह रहे। ऐसे में अगर आपको ट्रेन से सफर करना है तो एनटीईएस वेबसाइट और एप पर स्टेटस देखने के अलावा रेलवे काउंटर पर स्थिति कंफर्म जरूर कर लें।

फीडबैक में दर्ज मुसाफिरों का गुस्सा : एनटीईएस मोबाइल एप पर करीब 2.36 लाख लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। इनमें से अधिकतर ऐसे हैं जोकि अपने खराब अनुभव बता रहे। मोबाइल एप पर मिली गलत जानकारी और इसकी वजह से ट्रेन छूटने के शिकायत कई लोगों ने अपने फीडबैक में की है।

तकनीकि खामी की वजह से किसी विशेष मामले में अपलोडिंग में दिक्कत हो सकती है। हालांकि, रेलवे की ओर से कोई भी स्टेट्स अपलोड करने में पूरी सावधानी बरती जाती है। कोई शिकायत विशेष होने पर तत्काल निदान कराया जाता है। हालांकि डाटा लॉगर लगने के बाद सिस्टम और ऑटोमेटेड हो जाएगा। जिससे लगभग एक्युरेट स्थिति मुसाफिरों तक पहुंचेगी।

-पंकज सिंह, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पूवरेत्तर रेलवे

Posted By: Abhishek Pandey

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