पीलीभीत, जेएनएन। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अमिताभ राय ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश पर अवैध वाहन स्टैंडों को खत्म करने का अभियान चल रहा है। ज्यादातर अवैध वाहन स्टैंड खत्म करा दिए गए हैं। अगर किसी ने कहीं पर अवैध वाहन स्टैंड फिर से बनाने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

बुधवार को दैनिक जागरण के कार्यक्रम प्रश्न पहर में टेलीफोन पर सुधी पाठकों के सवालों के जवाब देते हुए एआरटीओ ने कहा कि जिले के विभिन्न मार्गों पर संचालित होने वाले वाहनों को खड़ा करने के लिए व्यवस्थित ढंग से स्टैंड विकसित कराए जाएंगे। इसके लिए जगह का चिन्हांकन शुरू हो गया है। निर्धारित स्थानों पर ही चालक अपने वाहन खड़े कर सकेंगे।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि बगैर रजिस्ट्रेशन के कोई भी ई-रिक्शा संचालित नहीं हो सकेगा। अब ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन की जिम्मेदारी उसके संचालक के साथ ही विक्रेता की भी होगी। अगर कहीं कोई ई-रिक्शा बगैर रजिस्ट्रेशन संचालित होता पाया जाता है तो उसके विक्रेता पर भी कार्रवाई की जाएगी। सभी विक्रेताओं का आगाह कर दिया गया है कि ई-रिक्शा की बिक्री करने के दौरान ही ग्राहक से उसका परिवहन विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना भी सुनिश्चित करें।

सवाल : बांसुरी चौराहा से बरेली रोड पर देवहा नदी पुल तक सड़क के दोनों ओर वाहन खड़े रहते हैं। इससे दुर्घटना होने का हर समय अंदेशा रहता है।

जगन्नाथ चक्रवती, राज्यपाल पुरस्कार विजेता

जवाब : अभी बांसुरी चौराहा पर सौ मीटिर के दायरे में अवैध वाहन स्टैंड व अतिक्रमण हटाया जा रहा है। इसके बाद बरेली रोड पर सड़क के दोनों ओर खड़े रहने वाले वाहनों को भी हटवा दिया जाएगा।

सवाल : अमरिया से पीलीभीत के लिए अनेक टेंपो चलते हैं। उनमें क्षमता के अधिक सवारियां भर ली जाती है और फिर तेज गति से मार्ग पर दौड़ाते हैं। इससे दुर्घटना की आशंका रहती है।

राशिद, अमरिया

जवाब : ओवरलोड सवारियां बिठाने वाले वाहनों के लगातार चालान किए जाते रहे हैं। अमरिया रोड पर भी कई बार अभियान चलाकर ऐसे टेंपो सीज किए गए। यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

सवाल : पीलीभीत-माधोटांडा रोड पर चलने वाले टाटा मैजिक वाहनों के संचालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं और सवारियां भी वाहन की क्षमता से अधिक लाद लेते हैं। इस मार्ग पर बस का संचालन कराया जाए।

मो. आशिक, पिपरिया संतोष

जवाब : इस मार्ग पर कई प्राइवेट बसों के परमिट हैं लेकिन वे संचालन नहीं करते। क्योंकि उन्हें पर्याप्त सवारियां नहीं मिलतीं। ओवरलोड टाटा मैजिक के कई बार चालान किए गए। आगे भी ओवरलोड सवारियां मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

सवाल : बच्चों को पढ़ने के लिए रोज पूरनपुर भेजना पड़ता है। टेंपो व ई-रिक्शा ही साधन हैं। इन वाहनों से दुर्घटना का अंदेशा रहता है। एक बस का संचालन होना चाहिए।

इफ्तिखार, हरीपुर फुलहर

जवाब : जिस स्कूल में बच्चों को पढ़ने के लिए भेजते हैं, वह स्कूली वाहन का संचालन करा सकता है। वाहन की फिटनेस होनी चाहिए। साथ ही सभी नियमों का पालन हो। ऐसा संभव न हो तो निजी वाहन से बच्चों को स्कूल ले जाने लाने का कार्य करें।

सवाल : जिस तरह से गांव गांव शिविर लगाकर कोरोना के टीके लगवाए गए, उसी तरह परिवहन विभाग को शिविर लगाकर जरूरतमंद लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस बनाने चाहिए।

रविंद्र कुमार, अमरैया कलां

जवाब : यह संभव नहीं है। लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आनलाइन आवेदन करना होगा। स्थाई लाइसेंस के लिए परिवहन विभाग के कार्यालय में आना होता है। लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया में कोई फेरबदल नहीं हो सकता।

सवाल : शहर में कई रिक्शा वाले किसी तरह के नियमों का पालन नहीं करते। इनसे दुर्घटनाएं होती हैं।

डा. प्रदीप सक्सेना, गोदावरी एस्टेट

जवाब :सभी ई-रिक्शा का पंजीकरण कराया जाएगा। साथ ही इनके संचालन के लिए जल्द ही रूट भी तय कर दिए जाएंगे।

सवाल : शहर में सड़कों पर बुलेट मोटरसाइकिल दौड़ाते वाले अनेक लोग साइलेंसर से तेज पटाखों जैसी आवाज निकालते हैं। इससे लोगों को बहुत दिक्कत है।

शाहिद, लकड़ी मंडी

जवाब : ऐसे लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाती रही है। आगे भी होती रहेगी। पहले ही तुलना में अब यह समस्या काफी हद कर कम हो गई है।

Edited By: Vivek Bajpai