जेएनएन, बदायूं : सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव भगवतीपुर में अनुसूचित जाति के दूल्हा-दूल्हन को मंदिर में जाने से रोकने के लिए दबंगों द्वारा ताला डाले जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मंदिर में ताला बंद करने की घटना से जहां अनुसूचित जाति के लोगो में आक्रोश पनप रहा हैं, वहीं अब पुलिस भी पूरे मामले को दबाने में जुटी है। लोगो की मानें तो पुलिस मामले को गांव में होने वाली पार्टी बंदी से जाेड़ने का प्रयास कर रही है। हालांकि मामले में पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। 

भगवतीपुर गांव निवासी सोनू की शादी मूसाझाग इलाके के गांव मौसमपुर में हुई है। शुक्रवार को दुल्हन की विदाई कराकर बरात वापस घर लौट आई । जिसके बाद परंपरा और मान्यता के चलते गांव स्थित देवता के मंदिर पर नव वर वधु पूजा अर्चना करने पहुंचे। इसकी जानकारी गांव में रहने वाले दबंग प्रवृति के लोगों  को लग गई। जिसके बाद उन्होंने मंदिर में ताला डाल दिया।

वर-वधु के साथ परिवार और रिश्तेदारी की तमाम महिलाएं जब मंदिर पहुंचीं तो वह ताला लगा देख हैरत में पड़ गई। उन्होंने ताला डालने वाले लोगों से वजह पूछी तो जवाब मिला कि अनुसूचित जाति के लोगों को मंदिर में नहीं जाने देंगे। जिसके बाद काफी देर तक वर वधु मंदिर के बाहर खड़े रहे। मामले की सूचना यूपी 112 को दी गई तो, यूपी 112 पीआरवी मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने पर कानून के भय से उन लोगों ने ताला खोला। पुलिस ने अपनी मौजूदगी में पूजा अर्चना कराकर उन लोगों को शांत किया।

लेेकिन कार्रवाई के नाम पर पुलिस ने कुछ नहीं किया। सोनू का आरोप है कि जब वह लोग मंदिर पहुंचे थे, तो ताला बंद था, चाबी मांगने गए तो उन्हें खरी-खोटी सुनाई गई।इस मामले में ग्राम प्रधान आशीष पटेल का कहना है कि मंदिर सभी के लिए है, किसी को कोई रोक-टोक नहीं है। 

इस तरह की कोई जानकारी हमे नहीं है। न ही इस संबंध में कोई तहरीर आई है। शिकायत आने पर ही कुछ बता पाएंगे। 

- ओपी गौतम, एसएचओ सिविल लाइंस 

 

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