जागरण संवाददाता, बरेली: कांग्रेस ने कैंट विधानसभा से पूर्व महापौर सुप्रिया ऐरन को अपना प्रत्याशी घोषित किया था। प्रत्याशी घोषित होने के एक सप्ताह बाद शनिवार को अचानक पूर्व सांसद व पति प्रवीण सिंह ऐरन के साथ सपा की सदस्यता ले ली। सपा ने उन्हें कैंट विधानसभा सीट से प्रत्याशी भी बना दिया। इसकी जानकारी होने पर कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष अजय शुक्ला ने अपने आवास पर पत्रकार वार्ता में कहा कि ऐरन दंपती के जाने से कार्यकर्ता खुद को आजाद महसूस कर रहे हैं। पार्टी की गंदगी साफ हो गई। जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी ने कहा कि उनके जाने से पार्टी पर कोई असर नहीं होगा। कैंट विधानसभा से पार्टी उनसे अधिक दमदार प्रत्याशी उतारेगी।

महानगर अध्यक्ष अजय शुक्ला ने कहा कि चुनावी माहौल में आने-जाने की राजनीति लगी रहती है। ऐरन दंपती जिले के सबसे अधिक पार्टी बदलने वाले नेता है। शनिवार को वह चौथी पार्टी में शामिल हुए हैं। इससे साफ है कि वे केवल निजी स्वार्थ के लिए राजनीति करते हैं, न कि समाज की सेवा के लिए। कांग्रेस के ही बलबूते ही प्रवीण सिंह ऐरन सांसद व उनकी पत्नी सुप्रिया महापौर बनीं, लेकिन उसके बावजूद भी इन्होंने न कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को सम्मान दिया न कभी उनके साथ खड़े दिखे। जिसका परिणाम यह हुआ कि कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने 2017 के विधानसभा चुनाव में व उसके बाद महापौर के चुनाव में इनका टिकट काटने का काम किया। इसके अगले चुनाव में उन्होंने पार्टी प्रत्याशियों को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि ऐरन दंपती का यह कदम उनके राजनीतिक जीवन के ताबूत में अंतिम कील साबित होगा। वार्ता के दौरान प्रेम प्रकाश अग्रवाल, योगेश जौहरी, नवाब मुजाहिद हसन खां, हर्ष बिसारिया, विजय मौर्या, तबरेज खान आदि रहे।

भर्ती विधान युवा घोषणा पत्र किया जारी

श्यामगंज स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय पर शनिवार को जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी, प्रदेश प्रवक्ता कुलभूषण त्रिपाठी, जिला उपाध्यक्ष दिनेश दद्दा, प्रवक्ता राज शर्मा, महासचिव जिया उर रहमान, कमरगनी, जुनैद हसन, संदीप चौधरी, इश्तियाक रजा ने पार्टी के भर्ती विधान युवा घोषणा पत्र जारी किया।

धरना दे रहे लोगों को दिल्ली बुलाया

पार्टी कार्यालय में नवाबगंज विधानसभा क्षेत्र से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा गंगवार को कांग्रेस से टिकट दिए जाने के बाद पार्टी में बगावत के सुर खुलकर सामने आए। पार्टी के दिल्ली कार्यालय से लेकर जिला कार्यालय तक मौन धरना शुरू हुआ। शनिवार को जिला कार्यालय पर मौन धरने पर बैठे पार्टी के महासचिव डा. हरीश गंगवार को दिल्ली बुलाया गया। जिसके बाद धरना दोपहर में समाप्त कर वह अपने समर्थकों के साथ दिल्ली रवाना हो गए।

जिला कार्यालय में ताला, कार्यालय बंद होने का मचा शोर

जिला कार्यालय से सामान ले जाने व देर शाम को ताला पड़ने के बाद इंटरनेट मीडिया पर कांग्रेस का जिला कार्यालय बंद होने का संदेश वायरल हुआ। जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी ने इसका खंडन करते हुए बताया कि उनका घर आंवला विधानसभा में आता है। पार्टी ने यहां से युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ओमवीर यादव को टिकट दिया है। इस सीट को जीतना काफी जरूरी है। ऐसे में अधिक समय आंवला विधानसभा व निश्चित दिन व समय में सभी विधानसभा को देना है। ऐसे में चुनाव तक कार्यालय को आंवला में शिफ्ट किया है। कार्यालय को बंद नहीं किया गया है। चुनाव बाद पूर्व की तरह वह वहां बैठेंगे।

Edited By: Jagran