जागरण संवाददाता, बरेली :

राशन घोटाले की पड़ताल में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। जिन आधार नंबर से बरेली में राशन लिया जा चुका था, उन नंबरों का इस्तेमाल दूसरे जिलों और तहसीलों में भी किया गया। हालांकि, सिस्टम में दो जगह आधार नंबर लगाने पर ट्रेस होने से राशन नहीं निकल सका। घोटाले में घिरीं जिले की 66 दुकानों की पड़ताल में ऐसे 40 आधार नंबर मिले हैं।

26 दुकानों का चल रहा डाटा अध्ययन

जिले में 78 दुकानों में राशन घोटाला सामने आया है। 12 दुकानों पर गंभीर जालसाजी मिली है। यहां करीब 300 क्विंटल की गड़बड़ी हुई है। दस कोटेदारों पर मुकदमा भी दर्ज हो चुका है। 11 दुकानें निलंबित की गई और एक की जांच चल रही है। इसके बाद 66 और दुकानों से 119 बार राशन के लेनदेन का मामला सामने आया। जांच टीम ने इनमें से 40 दुकानों की पड़ताल कर ली है। अभी 26 दुकानों के डाटा का अध्ययन किया जा रहा है।

ऐसे हुई जांच

विभाग ने 66 दुकानों के राशन कार्ड और लाभार्थियों के आधार नंबर का अध्ययन किया। जांच में पाया गया कि 40 आधार नंबर से एक बार ही अनाज लिया गया है। यही आधार नंबर कुछ अन्य जिलों के डाटा विवरण में भी मिले हैं। एक कार्डधारक ने तो एक ही आधार नंबर होने पर दो अलग-अलग दुकानों से राशन भी ले लिया है। विभाग अब डीएम से अनुमति लेकर दूसरे जिलों में लगे सभी आधार नंबरों को निरस्त कराने की प्रक्रिया कर रहा है।

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40 दुकानों के आधार नंबर का गैर जनपदों में भी उपयोग हुआ। हालांकि इन आधार नंबर पर दूसरी बार राशन नहीं निकाला जा सका है। ऐसे सभी आधार दूसरी जगह से निरस्त कराए जाएंगे।

-सीमा त्रिपाठी, डीएसओ

Posted By: Jagran

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