जागरण संवाददाता, बरेली : जिले में वाहन चोरी कर पुलिस को चुनौती देना वाला खुद खाकी वर्दीधारी निकला। होमगार्ड ऑटो लिफ्टर गैंग चला रहा था। क्राइम ब्रांच ने पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर चोरी किए हुए 19 वाहन बरामद कर लिए।

लगातार हो रही वाहन चोरियों पर रोकथाम के लिए बदमाशों की सुराग तलाश रही क्राइम ब्रांच को भनक लगी कि होमगार्ड वेदप्रकाश के वाहन चोर गिरोह से संपर्क हैं। वह अर्से से बारादरी थाने में तैनात है और इन दिनों डेलापीर सब्जीमंडी में ड्यूटी कर रहा। उसे उठाकर कड़ाई से पूछताछ की तो गिरोह का खुलासा हुआ। जिसके बाद टीम ने मास्टरमाइंड मोहन कश्यप, जुबिन सिंह निवासी माधोबाड़ी, असीर हाशमी निवासी ईट पजाया चौराहा, साजिद निवासी शहदाना और सर्वेश कश्यप निवासी सिकलापुर को पकड़ा।

लॉक तोड़कर चोरी फिर होमगार्ड को पांच हजार में बेच देते

पकड़े गए बदमाशों ने बताया कि वे पुराने लॉक वाली बाइक तोड़कर वाहन चोरी करते थे। इसके बाद होमगार्ड वेदप्रकाश इन वाहन को पांच हजार रुपये में खरीद लेता। बाद में बिक्री करवा देता।

फर्जी कागज बनवाकर करता था बिक्री

होमगार्ड आरटीओ के दलालों के संपर्क में रहता था। चोरी किए हुए वाहनों के फर्जी कागज वहां के दलाल गिरीश राणा निवासी कालीबाड़ी और फिरोज उर्फ राजू निवासी कांकरटोला से बनवाता था। असली कागज फाड़कर फेंक देते। क्राइम ब्रांच ने दोनों दलालों को भी पकड़ लिया। दोनों ने बताया कि फर्जी मोहरों के जरिये कागज बना लेते थे मगर हाल के दिनों में सिस्टम ऑनलाइन होने के कारण कागज बनाना मुश्किल हो रहा था। पुलिस को वेदप्रकाश के नाम से तीन आरसी भी मिली हैं।

ढाई साल में 100 से अधिक बाइक चोरी

गिरोह के सदस्यों ने बताया कि बीते ढाई साल से वे सौ से अधिक वाहन चोरी कर चुके। कभी चेकिंग में बाइक पकड़ी जाती तो होमगार्ड खुद को थाने में सिपाही बताकर बाइक छुड़वा लेता था। या फिर मौके पर फोन कर सिफारिश कर बाइक छुड़वा देता था।

Posted By: Jagran

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