जेएनएन, बरेली : रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध कई महाविद्यालयों की लापरवाही ने करीब चार हजार से ज्यादा छात्र-छात्रओं का भविष्य दांव पर लगा दिया है। चार माह तक पढ़ाई करने के बाद इन छात्रों को बताया गया कि अभी तक उनका एडमिशन ही नहीं हुआ है। इसके चलते वह फरवरी-मार्च में होने वाली वार्षिक परीक्षाओं के लिए फार्म नहीं भर सकते। अब वे महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे हैं।

नहीं हुआ छात्रों का एडमिशन 

इस सत्र में विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में एडमिशन के लिए छात्र-छात्राओं से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। रजिस्ट्रेशन के दौरान मिले ओटीपी नंबर को एडमिशन के लिए छात्र को संबंधित महाविद्यालय में जमा करना था। छात्रों ने इसे जमा भी कर दिया लेकिन महाविद्यालयों ने इसे विश्वविद्यालय के प्रवेश समिति के पास नहीं जमा किया। इसके चलते आधिकारिक तौर पर इन छात्रों का एडमिशन ही नहीं हुआ।

छात्रों का लॉगिन ही नहीं खुला

अब परीक्षा फार्म भरने की बारी आयी तो ऐसे छात्रों का लॉगिन ही नहीं खुला। परेशान छात्रों ने जब महाविद्यालय और विश्वविद्यालय पहुंचे तो मालूम हुआ कि उनका एडमिशन ही नहीं हुआ है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजीव ने बताया कि कई कॉलेजों ने इसकी शिकायत की है। कुलपति और रजिस्ट्रार के समक्ष यह मामला रख दिया गया है। अगर नियम होगा तो छात्रहित में उचित फैसला लिया जाएगा।

दस तक फार्म भरने का मौका

बरेली, शाहजहांपुर, मुरादाबाद सहित रुविवि से जुड़े सभी जिलों के महाविद्यालयों के कई छात्रों की यह समस्या है। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने दस दिसंबर तक परीक्षा फार्म भरने की आखिरी तारीख तय की है। ऐसे में छात्र ज्यादा परेशान हैं।

298 छात्रों ने छोड़ी एनटीए की परीक्षा

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की तरफ से चल रही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की नेशनल एलिजबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नेट) परीक्षा में गुरुवार को 298 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। पहली पाली में कुल 601 पंजीकृत छात्रों में 469 ने परीक्षा दी जबकि दूसरी पाली में 691 पंजीकृत छात्रों में 525 उपस्थित रहे।

Posted By: Abhishek Pandey

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