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अलंकार अग्निहोत्री की पार्टी में फूट: 39 पदाधिकारियों का इस्तीफा, विदेशी फंडिंग और टिकट के लिए 10 लाख मांगने का आरोप

Published: Mon, 07 Sep 2026 09:53 AM (IST)Updated: Mon, 07 Sep 2026 09:55 AM (IST)

बरेली में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के 39 पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी पर कनाडा व सऊदी ...और पढ़ें

पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री। फाइल फोटो।

पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री। फाइल फोटो।

HighLights

  1. राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के 39 पदाधिकारियों का सामूहिक इस्तीफा।

  2. पार्टी पर कनाडा व सऊदी अरब से फंडिंग का आरोप।

  3. विधानसभा टिकट के बदले 10 लाख रुपये मांगने का आरोप।

जागरण संवाददाता, बरेली। बरेली में बतौर सिटी मजिस्ट्रेट तैनाती के दौरान इस्तीफा देकर राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा बनाने वाले अलंकार अग्निहोत्री को इसी शहर से बड़ी चोट पड़ी। रविवार को उनकी पार्टी के 39 पदाधिकारियों ने पद से सामूहिक इस्तीफा दे दिया। इसके पीछे गंभीर आरोप लगाए कि पार्टी को कनाडा व सऊदी अरब से फंडिंग हो रही। आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट के बदले 10-10 लाख रुपये मांगे जा रहे।

इस पर अलंकार ने फोन पर जवाब दिया कि गुटबाजी करने पर पार्टी के बृज क्षेत्र अध्यक्ष मनोज शर्मा, बरेली मंडल अध्यक्ष सचिन शर्मा, जिलाध्यक्ष बरेली आर्येंद्र मिश्रा और महानगर अध्यक्ष एकांश गुप्ता को एक सितंबर को ही निष्कासित किया जा चुका। इसी बौखलाहट में झूठे आरोप लगाए गए हैं।

पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री पर टिकट के लिए 10 लाख रुपये मांगे का आरोप

पूर्व पीसीएस अलंकार अग्निहोत्री ने 26 जनवरी को पद एवं सेवा से इस्तीफा दिया था। उन समय उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके कुछ दिनों बात राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा संगठन बनाकर प्रदेश में इकाइयां गठित कर दी। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ट्रस्ट के अध्यक्ष केशव शंखधार ने रविवार को कई अन्य पदाधिकारियों के साथ मीडिया से वार्ता की। कहा कि अलंकार अग्निहोत्री ने सात सितंबर को बरेली में सवर्ण समाज की सामान्य महापंचायत में आने का आग्रह किया था। उन्होंने कार्यक्रम में आने से इन्कार किया, आयोजन रद न करने पर पार्टी से निष्कासन की धमकी दी।

रसीद बुक छपवाकर रुपये मांगने का आरोप

आरोप है कि अलंकार अग्निहोत्री ने ब्राह्मण समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ की, पार्टी के नाम पर ट्रस्ट के अकाउंट में रुपये डलवाकर गबन किया। पार्टी के जिला अध्यक्षों से रसीद बुक छपवाकर प्रति माह एक लाख रुपये की मांग की। स्थानीय इकाई पदाधिकारियों से कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी तलाशें। उनसे रजिस्ट्रेशन शुल्क के तौर पर दो लाख, बाद में टिकट के बदले 10 लाख रुपये लें।

अलंकार बोले, चार लोगों को गुटबाजी की वजह से एक सितंबर को किया था निष्कासित

26 जनवरी को इस्तीफे के समय अलंकार ने डीएम आवास से निकलते समय बयान दिया कि एक अधिकारी कह रहे 'पंडित पागल हो गया' यह सिर्फ राजनीतिक स्टंट था। उन्होंने इस्तीफे से छह महीने पहले ही राजनीतिक गतिविधियां शुरू कर दी थीं। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा को 'राम' के नाम से प्रचारित किया जा रहा है, वह संस्था ट्रस्ट के रूप में मथुरा में पंजीकृत है, जिसके दस्तावेज भी उनके पास हैं। ट्रस्ट का राजनीतिक दल के रूप में इस्तेमाल गलत है।

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आरोप, अलंकार ने कहा कि राजनीति में आने वाली महिलाएं चरित्रहीन ही होती हैं

पूर्व क्षेत्र अध्यक्ष अजय शर्मा ने आरोप लगाया कि कुछ पदाधिकारियों द्वारा महिला कार्यकर्ताओं से गलत व्यवहार की शिकायत करने पर अलंकार ने कहा कि राजनीति में आने वाली महिलाएं चरित्रहीन ही होती हैं। उन्होंने फ्रॉड चिटफंड कंपनी की तरह पार्टी संचालन, सवर्ण आंदोलन कर रहे समाज के बड़े चेहरों का चतुराईपूर्वक इस्तेमाल, सवर्ण समाज के मुद्दों को छोड़ने के भी आरोप लगाए हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष आर्येंद्र मिश्रा, पूर्व महानगर अध्यक्ष एकांश गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद रहे।

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