बरेली, अनुज मिश्र: फतेहगंज पश्चिमी स्थित रबड़ फैक्ट्री के खाली पड़े आवासों में पुलिसकर्मियों ने कब्जा कर लिया। हैरानी की बात यह है कब्जे के मकान में रहने के बाद भी यह पुलिसकर्मी मकान किराया भत्ता भी ले रहे थे। लखनऊ तक शिकायत के बात जांच बैठी तो इस बात का राजफाश हो गया। लिहाजा, कब्जे के मकान में रहने के बाद भी मकान किराया भत्ता लेने वाले सभी 33 पुलिसकर्मियों के वेतन से लिए गए भत्ते की रकम कटौती के एसएसपी ने आदेश जारी कर दिये।

रबड़ फैक्ट्री के खाली पड़े आवासों में फतेहगंज पश्चिमी, सीबीगंज व मीरगंज थाने में तैनात पुलिसकर्मी अधिक संख्या में रहते हैं। कई तो ऐसे भी हैं जिनका थाने से स्थानांतरण भी हो गया लेकिन, उन्होंने डेरा नहीं बदला। लिहाजा, शिकायत हुई कि रबड़ फैक्ट्री के खाली पड़े आवासों में पुलिसकर्मी कब्जा कर रह रहे हैं। यह सभी मकान किराया भत्ता भी ले रहे हैं। यहीं नहीं यह भी आरोप लगे कि इनमे से कई पुलिसकर्मियों के स्मैक तस्करों से भी संबंध है। गंभीर प्रकरण को देखते हुए तत्कालीन एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल को जांच सौंपी। जांच में स्मैक तस्करों से संबंधों के बारे में तो कुछ नहीं कहा गया लेकिन, सभी 33 पुलिसकर्मियों को गलत तरीके से मकान किराया भत्ता लेने का दोषी पाया गया। जानकारी के मुताबिक, दारोगा को करीब 35 सौ, हेड कांस्टेबल को 31 सौ व कांस्टेबल को 27 सौ रुपये किराया भत्ता मिलता है।

इन पुलिसकर्मियों के नाम हैं शामिल

दारोगा नरेंद्र सिंह, ओमपाल सिंह, मधु रानी, हेड कांस्टेबल जगवीर सिंह, रोहित कुमार, अनुराग, बाबर खान, कांस्टेबल संकित कुमार, शुभम राठी, नकुल चौधरी, पंकज चौधरी, राहुल कुमार, बाबूराम, श्यामू, अरुण कुमार, अंकित कुमार, दिलदार, मनव्वर आलम, अमित कुमार, अरविंद कुमार, अंतरिक्ष कुमार, कृष्णवीर सिंह, हरवीर सिंह, चीनू कुमार, सोनू कुमार, चीनू रानी, नीलम देवी, संगीता, रूबी, सीनू सिन्धू, रोजी, दीपशिखा व फाल्वर जगत।

एसपी देहात ने जांच रिपोर्ट में कही यह बात

एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल की ओर से की गई जांच रिपोर्ट में कहा गया कि यह सभी 33 पुलिसकर्मियों द्वारा किसी को मकान का किराया नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में उपरोक्त कर्मियों द्वारा मकान का किराया भत्ता प्राप्त नहीं करना चाहिए था। इसके बावजूद भी इन पुलिसकर्मियों द्वारा मकान किराया भत्ता प्राप्त किया गया है। लिहाजा, सभी 33 पुलिसकर्मियों के रबड़ फैक्ट्री के आवास में रहते हुए प्राप्त किये गए मकान किराया भत्ता की वेतन से कटौती की रिपोर्ट उन्होंने एसएसपी को भेजी। एसएसपी ने इस पर अंतिम मुहर लगा दी। इन सभी पुलिसकर्मियों के मई माह के वेतन से कटौती की जाएगी।

रबड़ फैर्क्टी पर बैठाए गए हैं रिसीवर

फैक्ट्री की भूमि का प्रकरण कोर्ट में होने के कारण रिसीवर बैठाया गया है। मकानों पर कब्जे की जानकारी प्रशासन को दी गई है। ये खाली कराए जा सकते हैं।

Edited By: Aqib Khan