जागरण संवाददाता, बरेली : नौकरों पर भरोसा साहूकारा स्थित सर्राफ को भारी पड़ गया। धीरे-धीरे करके उन्होंने एक दो नहीं बल्कि 30 किलो चांदी चोरी कर ली। लगातार जेवर गायब होते देख सर्राफ ने एक नौकरों को पकड़ पूछताछ की, तब सारा भेद खुला। चारों ने जुर्म कुबूल कर लिया और माफी मांगी। तीन दिन के अंदर चांदी वापस करने का वक्त भी मांगा। हालांकि, यहां भी मालिक को दगा मिला। चंगुल से छूटते ही चारों फरार हो गए। पीड़ित सर्राफ की तहरीर पर किला पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

किला के साहूकारा मुहल्ला निवासी सचिन अग्रवाल सराफा कारोबारी हैं। थोक चांदी के जेवर तैयार कर सप्लाई करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि दुकान में कई नौकर काम करते हैं। उनमें रवि कुमार, शशि निवासी छपरोह, तहसील बांगड़ा जिला ऊना हिमाचल प्रदेश, बंटी शांडियाल निवासी चौकी डाकखाना, अमरोह जिला हमीरपुर हिमाचल छह साल से उनके यहां नौकरी कर रहे थे। दो महीने पहले उन्होंने संजय चह्वाण निवासी ढपलापुर, थाना जथ जिला सांगी महाराष्ट्र को नौकरी पर रखा था। जेवर देख सभी की नीयत बिगड़ गई। चारो थोड़ा-थोड़ा कर चांदी के जेवर चुराकर ले जाने लगे। चोरी का सारा माल बाजार में स्थित पायल टंस सेंटर के मालिक सर्राफ उत्तम के यहां ले जाते। फिर जेवर गलाकर बेच देते। काफी समय से चांदी गायब होते देख उन्हें शक हुआ तो चारों नौकरों से पूछताछ की। तब उत्तम के साथ मिलकर चांदी गलाने और फिर बेचने की बात कुबूल कर ली।

तीन दिन का समय मांगा, फिर गायब

सर्राफ के मुताबिक, पकड़े जाने के बाद आरोपी माफी मांगने लगे। बेची गई 25 से 30 किलो चांदी वापस करने का भरोसा दिया मगर 30 मार्च को मौका पाकर चारों नौकर फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों के घर दबिश दी लेकिन, वे कमरे में ताला डालकर फरार हो गए। पुलिस अब मोबाइल के जरिये नौकरों की तलाश में जुटी है।

Posted By: Jagran

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