जेएनएन, बरेली: जानलेवा बुखार इस कदर बेकाबू हो गया कि जिले में पिछले 24 घंटे में 14 लोगों की जान चली गई। आंवला क्षेत्र में सबसे ज्यादा पीड़ित हैं। वहां नौ और भुता में दो लोगों ने बुखार में तपकर दम तोड़ दिया। पचासों लोग पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सुध ली मगर इतनी भर के कैंप और कुछ गोलियों तक सिमट गए। कुछ देर रुकने के बाद टीम लौट गई।

आंवला तहसील में सबसे ज्यादा पीड़ित

अलीगंज प्रतिनिधि के अनुसार बिशारतगंज क्षेत्र में नौ और लोगों की बुखार से मौत हो गई। मरने वालों का आंकड़ा 53 पर पहुंच गया है। ग्राम पटपरागंज में चार मौतें हुई। प्रत्येक घर में बुखार के मरीज होने के कारण दहशत का माहौल बना हुआ है। यहां पर भगवत सरन पुत्र रामसहाय, राजवती, पत्नी बिहारीलाल कृष्णा मौर्य पत्नी झम्मन लाल व देवकी लोधी पत्नी झम्मन लाल तथा ग्राम रम्पुराखुर्द की नूरजहां पत्नी शराफत अली व हबीब मुहम्मद पुत्र शहजादे बख्श अमरोली की बुखार से मौत हो गई।

बिशारतगंज : कस्बे के वार्ड तीन निवासी अफसर खां की बुखार से मौत हो गई। यहां पर अब तक चार मौतें हो चुकी हैं। वहीं ग्राम कंधरपुर में तीन वर्षीय करिश्मा पुत्री पंचम व रोहिणी पुत्री कुवंरपाल भी बुखार का शिकार हो गईं। कुछ दिन पहले ही इसकी मां कुसुम की बुखार से ही मौत हुई थी।

चिह्नित गांवों में दौड़ीं स्वास्थ्य विभाग की टीमें

क्षेत्र में लगातार हो रही मौतों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बुखार से प्रभावित कुछ ग्रामों को चिह्नित कर टीमों को भेजा, जिन्होंने मरीजों का परीक्षण करके उन्हें दवा वितरित की। खून के नमूने लिए।

बिशारतगंज: दस दिन में बुखार से 12 मौतों को लेकर चर्चा में आए ग्राम बेहटाबुजुर्ग में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 175 लोगों के खून के नमूने लेकर उनकी स्लाइड बनाई। 194 लोगों को दवा वितरित की। मझगवां के चिकित्साधिकारी डा. वैभव राठौर ने बताया कि बुधवार को सीएचसी के अलावा ग्राम गुलडिया गौरीशंकर, गैनी व बेहटाबुजुर्ग में कैम्प लगाए गए, शीघ्र ही अन्य ग्रामों में भी कैम्प लगाए जाएंगे। वहीं ग्राम वेहटा बुजुर्ग के उस्मान अहमद अकील अहमद, कमरूदीन, जाकिर, फरीद विलकिन्सन, निजामन व धन्नों आदि ने बताया कि वे लोग घर के आगे साफ-सफाई रखते हैं लेकिन ग्राम की गलियां गंदी रहती हैं क्योंकि यहां पर एक महिला सफाई कर्मचारी है जो कई-कई महीनें नहीं आती है।

अलीगंज: एडीओ पंचायत ओपप्रकाश व उनकी टीम ने संक्रमित ग्रामों का दौरा करके सफाई व्यवस्था का हाल जाना। उन्होंने सफाई कर्मियों को निर्देशित किया कि ग्रामों में यदि गंदगी पाई गई वे सीधे जिम्मेदार होंगे। उन्होनें ग्रामवासियों से गांव को स्वच्छ रखने में मदद करें तथा स्वयं भी स्वच्छ रहने की अपील की। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अलीगंज के मुहल्ला अंबेडकर में कैप लगाकर दवाइयां बांटीं। डा. वैभव राठौर, डा दिनेश यादव, चित्रकुमार व ग्राम प्रधान पति शाकिर खां आदि रहे।

भमोरा: स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामों में कैम्प लगाकर दवाइयां बांटीं। कीटनाशक का भी छिड़काव कराया। टीम ने ग्राम करपिया किसानन में 150 मरीजों की जांच की, जिसमें 140 बुखार से पीड़ित मिले। ग्राम देवचरा में 250 में 185, रफियाबाद में 118 में 88 बुखार के मरीज चिह्नित किए गए। खून के नमूने दिए गए। ग्राम बनारा में भी कैंप आयोजित किया गया।

Posted By: Jagran

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